इस अस्तित्व में किसी का पात्र भी खाली नहीं है,
सब भरे हैं …… अस्तित्व किसी के साथ अन्याय नहीं करता ….!! बस अंतर है तो सिर्फ इतना, जितना आपका पात्र खाली होगा उतना ही भरेगा. किसी का पात्र छोटा होगा तो उसने उसको उतना ही भर दिया.
जब भी हम मुश्किलों से घिरते हैं तो उसके आगे घुटने तक देते हैं. उससे बाहर निकलने का प्रयास करना छोड़ देते हैं. लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो विपरीत परिस्थिति में भी प्रयास करना नहीं छोड़ते हैं, ऐसे लोग ही रिकार्ड बनाते हैं.