सुविचार 1846

हमेशा अच्छा करो और अच्छा करने से अपने आप को कभी मत रोको, फिर चाहे उसके लिए उस समय आपकी सराहना या प्रशंसा हो या ना हो.

सुविचार 1845

दूसरों का हित करने वाला अपना हित कर लेता है,

और दूसरों का अहित करने वाला अपना अहित कर लेता है.

सुविचार 1844

वो आग जो दूसरों को जलाने के लिए लगाई तो जाती है, _ _ पर सेंक ख़ुद को भी लग जाता है.

सुविचार 1843

स्मृतियां….यादें…..

स्मृतियों का नियंत्रण यदि आपके पास है तो जीवन में काफी कुछ आसान हो जाता है, क्यूंकि ज्यादातर हम विगत की अच्छी और बुरी यादों और बातों में उलझे रहते हैं ! और उनके अनुसार अपना वर्तमान बनाते हैं या प्रभावित कर लेते हैं ! अतः ऐसी चीज़ों पर नियंत्रण रखिये क्यूंकि जो बीत गया वो कितना ही अच्छा या बुरा हो वर्तमान काल सर्वश्रेष्ठ होता है !!

सुविचार 1842

प्रत्येक हालात में हमारे परखने और निर्णय की शक्ति कितनी न्यायप्रिय और सुखदाई होती है, हमारा यही व्यक्तित्व, लोगों में हमारी स्थाई छवि बनाता है.
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