सुविचार 1931

ईमानदारी बरगद के पेड़ के समान है जो देर से बढ़ती है किन्तु चिरस्थायी रहती है.

सुविचार 1930

“अपने अहंकार को झुका कर रिश्तों को बचाने की क्षमता कुछ में ही होती है”

ऐसे व्यक्ति आपको प्रत्येक परिस्थिति में प्रसन्न दिखेंगे. उनके चेहरे पर एक विजयी मुस्कान सदैव रहती है जो वो लोगों को अपनी विनम्रता और शालीनता से मुग्ध करने के पश्चात आती है. ये पश्चाताप शब्द की परिधि से कहीं दूर होते हैं और इन्हें बीते कल का पछतावा नहीं होता, ये आज में जीते हैं एवं बेहतर भविष्य की आशा रखते हैं…!!!”

सुविचार 1929

गलतियां क्षमा की जा सकती हैं अगर आपके पास उन्हें स्वीकारने का साहस हो.

सुविचार 1927

अच्छा दिल संबंधों को जीत सकता है पर अच्छा स्वभाव उसे आजीवन निभा सकता है.
error: Content is protected