सुविचार 1931
ईमानदारी बरगद के पेड़ के समान है जो देर से बढ़ती है किन्तु चिरस्थायी रहती है.
ऐसे व्यक्ति आपको प्रत्येक परिस्थिति में प्रसन्न दिखेंगे. उनके चेहरे पर एक विजयी मुस्कान सदैव रहती है जो वो लोगों को अपनी विनम्रता और शालीनता से मुग्ध करने के पश्चात आती है. ये पश्चाताप शब्द की परिधि से कहीं दूर होते हैं और इन्हें बीते कल का पछतावा नहीं होता, ये आज में जीते हैं एवं बेहतर भविष्य की आशा रखते हैं…!!!”