सुविचार 1851

सफलता एक ट्रेन की तरह है जिसमें मेहनत, एकाग्रता, भाग्य रूपी कई डब्बे हैं. लेकिन इन सब डब्बों को आगे बढ़ाने वाला इंजन आत्मविश्वास है.

सुविचार 1850

जिंदगी में किसी भी काम का अफसोस करना आगे बढ़ने में, गलती सुधारने में सबसे बड़ी बाधा है. यह व्यक्ति को अवसादग्रस्त कर सकती है. इसलिए जब भी गलती का अहसास हो, अफसोस नहीं करना चाहिए, कोशिश करनी चाहिए कि वह गलती दोबारा नहीं हो. अफसोस करने वाला व्यक्ति कोशिश करने से भागता है.

सुविचार 1849

दुःख में सुख खोज लेना, हानि में लाभ खोज लेना, प्रतिकूलताओं में भी अवसर खोज लेना,

इस सबको सकारात्मक दृष्टिकोण कहा जाता है ;

जीवन का ऐसा कोई बड़े से बड़ा दुःख नहीं जिससे सुख की परछाईयों को ना देखा जा सके,

जिन्दगी की ऐसी कोई बाधा नहीं जिससे कुछ प्रेरणा ना ली जा सके.

सुविचार 1848

फल और फूल पेड़ पर पत्तों से कम होते हैं परन्तु फिर भी वो पेड़ उन्हीं के नाम से जाना जाता है,

उसी तरह हमारे पास अच्छी बातें कितनी ही क्यूँ ना हों पर पहचान तो सिर्फ अच्छे कर्मों से ही होती है.

सुविचार 1847

कभी- कभार हमारे किसी निर्णय में हमारे अपने लोग भी साथ छोड़ देते हैं. यदि हमारा विश्वास कायम है और हम सही रास्ते पर जा रहे हैं, तो सतत प्रयास हमें अपनी मंजिल तक पहुंचा सकता है. यदि हमने अपने जीवन में सफलता की कोई मंजिल तय की है, तो उस तक पहुँचने के लिए हमारा दृढ़ रहना अत्यंत आवश्यक है.

सुविचार 1846

हमेशा अच्छा करो और अच्छा करने से अपने आप को कभी मत रोको, फिर चाहे उसके लिए उस समय आपकी सराहना या प्रशंसा हो या ना हो.
error: Content is protected