सुविचार 1851
सफलता एक ट्रेन की तरह है जिसमें मेहनत, एकाग्रता, भाग्य रूपी कई डब्बे हैं. लेकिन इन सब डब्बों को आगे बढ़ाने वाला इंजन आत्मविश्वास है.
इस सबको सकारात्मक दृष्टिकोण कहा जाता है ;
जीवन का ऐसा कोई बड़े से बड़ा दुःख नहीं जिससे सुख की परछाईयों को ना देखा जा सके,
जिन्दगी की ऐसी कोई बाधा नहीं जिससे कुछ प्रेरणा ना ली जा सके.
उसी तरह हमारे पास अच्छी बातें कितनी ही क्यूँ ना हों पर पहचान तो सिर्फ अच्छे कर्मों से ही होती है.