सुविचार 1912
“दर्पण” जब चेहरे का दाग दिखाता है, तब हम “दर्पण” नहीं तोडते, बल्की “दाग” साफ करते हैं, उसी प्रकार, हमारी “कमी” बताने वाले पर “क्रोध” करने के बजाय अपनी “कमी” को दूर करना चाहिए न की कमी बताने वाले से रिश्ता तोडना चाहिए.
_यदि वे सवाल नहीं कर सकते, तो वे कुछ भी नहीं बदल सकते.!!
स्वयं को एक “शांत सरोवर” की तरह बनाएं…..
जिसमें कोई “अंगारा” भी फेंके तो..खुद बख़ुद ठंडा हो जाए…..!!!!