सुविचार 1711

सब को सुख देना मतलब स्वयम को सुखी बनाना है, और दुसरो को दुःख देना मतलब स्वयम को दुखी बनाना है.

“फैसला आपके हाथ में”

सुविचार 1710

जैसी करनी वैसी भरनी….

आप जो अभी वर्तमान में देख रहे हैं या अनुभव कर रहे हैं ये आपके अतीत का फल है, अब आगे आप क्या अनुभव करना चाहते हैं वह आपके वर्तमान कर्मो के आधार पर होगा अतः अब सावधान हो कर कर्म करे, वैसे ही कर्म करें जैसा आप अपना भविष्य चाहते हैं, हाँ इसमें कोई छोटा रास्ता यानि शार्ट कट नहीं होता है जैसा करे वैसा ही भरने के लिए तैयार रहें !!

सुविचार 1709

हम किसी से बेहतर करें यह अच्छी बात है पर हम किसी का बेहतर करें यह बहुत ही अच्छी बात है.

सुविचार 1708

चुनौतियों से भरी उपलब्धियां कामयाब बना सकती हैं, पर खुशहाल नहीं. पाने की तृष्णा असीमित, अछोर और अनंत है पर अनमोल जीवन से बढ़ कर कुछ नहीं है.

कामयाबी, जो जीवन की खुशहाली का मापदंड बना हुआ है, मात्र भरम है. इस की प्राप्ति की राह में कभी विस्मृत नहीं होना चाहिए कि हम से कामयाबी है, न कि हम कामयाबी से.

जीवन के संतुलन को हर हाल में बनाए रखना चाहिए. कोहरे में घिरी कामयाबी को आत्मतुष्टि की ऊष्मा से पिघलते रहना चाहिए ताकि यह जनून बन कर जीवन का सारा सुकून न छीन ले.

सुविचार 1707

ज्ञान….

यदि आप अधिक सांसारिक ज्ञान एकत्रित करते है तो आप में अहंकार-घमण्ड भी आ सकता है किन्तु आध्यात्मिक ज्ञान जितना ज्यादा अर्जित करते है उतनी नम्रता -सहजता और सरलता आती है !!!

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