सुविचार 1740

सावधान रहना – जो आदमी तुम्हारे आगे दूसरों की निन्दा करता है,

_ वह दूसरों के आगे तुम्हारी निन्दा अवश्य करेगा.

सावधान रहें कि आप किसके सामने खुलकर बात करते हैं.

केवल कुछ ही लोग वास्तव में परवाह करते हैं.

बाकी लोग सिर्फ जिज्ञासु हैं या उनके छुपे मकसद हैं.

Be careful who you open up to. Only a few people genuinely care.

The rest are just curious or have hidden motives.

सुविचार 1739

हर व्यक्ति को अपना सर्वश्रेष्ठ मित्र बनना चाहिए. अपने को शाबासी भी देनी चाहिए, आत्महीनता नहीं आने देनी चाहिए.

सुविचार 1738

अगर शुरुआत खराब हुई तो समझना जिंदगी ने खुद को सछम होने के लिए एक अवसर दिया है,

और अगर शुरुआत अच्छी हुई तो समझना कि मुझे हर काम को सुंदरता से ही करना होगा,

क्योंकि जीवन ने मुझ पर भरोसा किया है…

सुविचार 1737

क्या हम बिना दिखावे के, एक-दूसरे का सम्मान करते हुए, सरल चित्त जीवन नही जी सकते ? सिर्फ दुआ और बद्दुआ ही तो हमारे साथ जायेगी, जरा सोचें, कि जीवन को हम जी रहे कि ढो रहे हैं ?

सुविचार 1736

सच्चा प्रेम वही है जो आप अगले की कमी जानते हुए भी आप उसको अपनाते हो और कभी उसको उसकी कमजोरी का अहसास नहीं दिलाते.
सच्चा प्रेमी कभी किसी सुन्दर व्यक्ति से प्रेम नहीं करता बल्कि ऐसे व्यक्ति से प्रेम करता है जिसे पाकर खुद का जीवन सुंदर बन जाए.

सुविचार 1735

जीवन में तकलीफ उसी को आती है, जो हमेशा जिम्मेदारी उठाने को तैयार रहते हैं, और जिम्मेदारी लेने वाले कभी हारते नहीं, या तो जीतते हैं या फिर सीखते हैं.
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