सुविचार 1645
भाग्य से जितनी ज्यादा उम्मीद करेंगे वह उतना ही निराश करेगा,
कर्म में विश्वाश रखें आपको अपनी अपेछाओं से सदैव अधिक मिलेगा.
यार तुमको कभी चिंतित नहीं देखा, और हमको चिंताएं आज भी है,
मैंने कहा तुम पैसा कमाते रहे, और मैं संतोष,
मैंने वहीं किया जो मुझे संतोष देता रहा,
बस इतनी सी बात है.
कभी किसी का अपमान मत करो व कभी किसी को कम मत समझो.
आप शक्तिशाली हो पर समय आपसे भी अधिक शक्तिशाली है.