सुविचार 1645

भाग्य से जितनी ज्यादा उम्मीद करेंगे वह उतना ही निराश करेगा, कर्म में विश्वाश रखें आपको अपनी अपेछाओं से सदैव अधिक मिलेगा.

सुविचार 1644

स्वयं की जिम्मेवारी स्वयं लेना ही सदा के लिए दूसरों के बंधन से मुक्त होना है.

सुविचार 1643

आज़ ही एक मित्र ने कहा,

यार तुमको कभी चिंतित नहीं देखा, और हमको चिंताएं आज भी है,

मैंने कहा तुम पैसा कमाते रहे, और मैं संतोष,

मैंने वहीं किया जो मुझे संतोष देता रहा,

बस इतनी सी बात है.

सुविचार 1642

समय और स्थिति कभी भी बदल सकते हैं.

कभी किसी का अपमान मत करो व कभी किसी को कम मत समझो.

आप शक्तिशाली हो पर समय आपसे भी अधिक शक्तिशाली है.

सुविचार 1641

जोखिम लेने की आदत होगी तो उस ऊंचाई पर पहुँच सकते हो जहाँ जाना चाहते हो.

If you have a habit of taking risks, then you can achieve anything that you set your mind on.

सुविचार 1640

मन और मकान को समय- समय पर साफ करना बहुत जरुरी है क्योंकि मकान में बेमतलब सामान और मन में बेमतलब गलतफहमियां भर जाती हैं.
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