सुविचार 1556
सुविचार 1555
जिस प्रकार एक शराबी केवल तात्कालिक आनंद को ही देखता है, उस के अंतिम पतनशील परिणाम को नहीं देखता, उसी प्रकार एक बेईमान आदमी उस के तात्कालिक लाभ को ही देखता है, उस के अंतिम परिणाम को नहीं देखता.
सुविचार 1554
हर आदमी कहता है कि मैं अच्छा हूँ लेकिन लोग क्या मानते हैं, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है.
सुविचार 1553
सफलता की पहली शर्त है, अपने काम को कभी बोझ नहीं समझना. जिस तरह काम से लगाव सफलता की पहली सीढ़ी है, ठीक उसी तरह बोझ समझ कर किसी भी काम को करना असफलता की पहली सीढ़ी है.
सुविचार 1552
दुनिया में सबसे ताकतवर इंसान वह होता है जो धोखा खा के भी लोगों की मदद करना नहीं छोड़ता.






