सुविचार 1633

जो हमारे पास नहीं है उसे पाने की जब हम अभिलाषा रखने लगते हैं, तो जो कुछ हमारे पास होता है उस से ख़ुशी मिलनी बंद हो जाती है

सुविचार 1632

हर समय मुस्कुराते रहना, चित्त शांत रखना, भटकाव का न होना, सुपष्ट विचार, सुपष्ट धारणा और सुपष्ट निर्णय, धीर पुरुषों और योगियों के लच्छण हैं.

सुविचार 1631

जीवन की जड़ संयम की भूमि में जितनी गहरी जमती है और सदाचार का जितना जल दिया जाता है, उतना ही जीवन हरा भरा होता है और उसमे ज्ञान का फल लगता है.

सुविचार 1629

हर कोई को खुश रखना हमारे वश की बात नहीं है पर किसी को हमारी वजह से तकलीफ ना हो, यह हमारे वश में है.

सुविचार 1628

एक ही घटना परिस्थिति में हर व्यक्ति, अलग-अलग तरह से कार्य करता है. ठीक वैसे ही जैसे बच्चों जो स्केच एक जैसा दिया जाता है, रंग सब अलग-अलग भरते हैं,

यही रंग भरना हमारे कर्म हैं.

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