सुविचार 1627

मनुष्य की यह कमजोरी है कि वह हमेशा एक कंधा ढूंढता रहता है, जिस पर सर को रख कर रो सके. कोई उसको शाबाशी दे और उसको कहता रहे कि तू बहुत अच्छा है. ऐसा एकाध कंधा मनुष्य हमेशा ढूंढ लेता है. ध्यान से देखियेगा अपने अंदर आपने कितने कंधे ढूंढ कर रखे है. जितनी जल्दी हो सके अपनी इस कमजोरी को दूर कर लें.

सुविचार 1626

सफलता हमेशा अच्छे विचारों से आती हैं और

अच्छे विचार अच्छे लोगों के सम्पर्क से आते हैं.

सुविचार 1625

क्रोध और गलती दोनों को जितनी जल्दी हो सके सुधार लें, आपकी सारी समस्या हल हो जायेगी.

सुविचार 1624

दुख हमारे जीवन में परीछाओं की वे घड़ियाँ हैं, जिन घड़ियों में हम हमारे जीवन के सबक को सीखते हैं. कारण यह है कि दुख की स्थितियाँ हमारे जीवन में एक ऐसा माहौल तैयार करती हैं, जिसमे से गुजर कर हमारी उन्नति होती है.

सुविचार 1623

कोई भी कार्य मिले उसे पूरी लगन से करो, काम करना व कराना दोनों आना चाहिए.

सुविचार 1622

मुस्कुराएं, एक मुस्कान आपकी जिंदगी बदलने के साथ- साथ दूसरों को भी बदलने की छमता रखती है.
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