सुविचार 1639
अपनापन छलके जिनकी बातों में, _ ऐसे सिर्फ कुछ ही लोग होते हैं लाखों में .!!
प्रेरणा अंतर्मन से निकली हुए अग्नि होती है, कभी कभी ये दुसरे के प्रभाव से भी उत्पन्न होती है किन्तु वो ज्यादा देर तक टिक नहीं पाती ! अतः सदेव अंतर्मन से प्रेरणा लें, यदि किसी अन्य स्त्रोत से मिल भी जाए तो यथा संभव उसे अपने अंतर्मन से एकाकार कर लेवे ताकि वो स्थाई हो सके !!!
कौन सी मंजिल पाना चाहते हो, फिर उसे पूरा होने के लिए रब से प्रार्थना करो.