सुविचार 1684

कच्चा घर देखकर किसी से रिश्ता ना तोडें, क्योंकि मिट्टी की पकड़ हमेशा मजबूत होती है, जबकि संगमरमर पर अक्सर पैर फिसला करते हैं.

सुविचार 1683

समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये, किसी व्यक्ति का नहीं..क्योंकि अच्छा व्यक्ति भी गलत विचार रख सकता है और किसी बुरे व्यक्ति का भी कोई विचार सही हो सकता है. ‘मत’ भेद कभी भी ‘मन’ भेद नहीं बनने चाहिए.

सुविचार 1682

जीवन में आधा दुःखः गलत लोगों से उम्मीद रखने से आता है

और बाकी का आधा दुःख सच्चे लोगों पर शक करने से आता है.

सुविचार 1681

जब हम अकेले हों तब अपने विचारों को संभालें और जब सबके बीच हों तब अपने शब्दों को संभाले.

सुविचार 1680

जीवन में व्यस्तता होनी जरूरी होती है क्योंकि खाली दिमाग शैतान का घर होता है. हम यदि किसी कार्य में व्यस्त ना रहें तब उस वक़्त हमारे दिमाग में कुछ ना कुछ चलते रहता है, और यही कभी कभी हमारे दुख का कारण भी बनता है !!

अपने आप को किसी भी काम में व्यस्त रखें, क्योंकि व्यस्त आदमी को दुखी होने का समय नहीं मिलता.

सुविचार 1679

कोई मुझे तब तक किसी भी तरह के कष्ट का अनुभव नहीं करा सकता, जब तक मैं उस संकल्प की रचना मन में न करूँ.
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