सुविचार 1522

चापलूस उन बिल्लियों की तरह होते हैं जो सामने से चाटती हैं और पीछे से खसोटती हैं.

सुविचार 1520

दो तरह के लोग बहुत परेशान रहते हैं,

एक वे जो “न” नहीं कह सकते और दूसरे वे जो “न” नहीं सुन सकते.

सुविचार 1519

नजर और नसीब का कुछ ऐसा इत्तेफाक है कि नज़र को अक्सर वही चीज पसंद आती है जो नसीब में नहीं होती और नसीब में लिखी चीज अक्सर नजर नहीं आती है.

सुविचार 1518

जिसने तुम्हारा अपमान किया है, वह उसकी मौज है.

उसे जो ठीक लगा, उसने किया.

जिसने तुम्हारा सम्मान किया है, उसकी मौज.

उसे जो ठीक लगा उसने किया.

जो उसके पास था, उसने दिया.

तुम अपमान और सम्मान दोनों को एक ही

धन्यवाद के भाव से स्वीकार कर लेना,

दोनों का आभार प्रगट कर देना.

सुविचार 1517

*बारिश की बूँदें* भले ही छोटी हों..लेकिन उनका लगातार बरसना,, *बड़ी नदियों* का बहाव बन जाता है.. ऐसे ही हमारे, छोटे *छोटे प्रयास* निश्चित ही, जिन्दगी में, *बड़ा परिवर्तन* ; लाने में सक्षम रहते हैं, इसलिए *प्रयास* छोटा ही सही,, किन्तु *लगातार* होना चाहिए….
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