सुविचार 1591

दूसरों से बराबरी ना करो. सबकी जिंदगी अलग अलग है. अपनी ख़ुशी और परेशानियों की तुलना दूसरों से ना करें.

सुविचार 1589

एक सफल व्यक्ति वो है जो दूसरे द्वारा अपने ऊपर फेंके गए पत्थर पर एक मजबूत घर बना लेता है.

सुविचार 1588

सफलता का महत्व वह व्यक्ति अच्छे से जानता है, जिसने सफलता पाने से पहले झकझोर देने वाली असफलता का सामना किया हो.

सुविचार 1587

यहाँ कोई भी अपना जीवन अपने स्वभाव में, अपने ढंग से नहीं जीता है. सभी दूसरों को खुश करने में अपना जीवन बरबाद कर रहे हैं. सभी अपनी सारी जीवन ऊर्जा को दूसरों को प्रभावित करने में नष्ट कर रहे हैं. कोई कभी भी किसी दूसरे को खुश नहीं कर सकता है. जब कोई स्वयं से ही खुश नहीं है तो, वह दूसरों को खुश कैसे कर सकता है, जबकि स्वयं को स्वयं के द्वारा ही खुश किया जा सकता है.

सुविचार 1586

वक़्त के पास हर चोट का ईलाज है. जीवन की चोटों पर वक़्त मरहम है. ये चोटें हीं हमारे इरादों को और मजबूत करती हैं.
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