आप अपने जीवन में जो कुछ भी पाना चाहें, वह संभव है, यदि आप उसकी कीमत देने को तैयार हो जायें, जरुरी नहीं कि यह कीमत रुपये में हो, आपकी चाहत की कीमत आपका परिश्रम, धैर्य, योजना या कुछ और भी हो सकता है.
अगर आपकी ख़ुशी की एकमात्र वजह ये है कि जो चीज आपके पास है, वो दूसरों के पास नहीं, तो इसे विकार कहेंगे. इस तरह के विकार से जितनी जल्दी छुटकारा पा लिया जाये उतना बढ़िया. इससे मिलने वाली प्रसन्नता छणिक होती है. नुकसान ज्यादा होता है और उसके बारे में पता बाद में चलता है.