सुविचार 1503

हमें अपने स्त्रोत को बाहर की ओर बहने देना चाहिए. इसका परिणाम यह होता है कि हम जो कुछ भी करते है, उसमे दिव्यता आ जाती है. जब हम बोलते हैं, कुछ कहते हैं, बात करते हैं, चलते हैं तो उसमे दिव्यता होती है. क्योंकि इसे हम नहीं कर रहे हैं, यह तो हमारा आंतरिक स्त्रोत हमारे माध्यम से कर रहा है.

सुविचार 1501

सम्मान पाने का प्रयास करें, ना कि ध्यान आकर्षित करने का

क्योंकि सम्मान अधिक समय तक आपका साथ देता है.

सुविचार 1500

गलतफहमी का एक पल इतना जहरीला होता है जो प्यार भरे सौ लम्हों को एक छण में भुला देता है.

सुविचार 1499

असफलता के बाद हौसला रखना आसान है लेकिन सफलता के बाद नम्रता रखना उतना ही कठिन है.
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