सुविचार 1637

हर सुबह दर्पण में देखकर अपने आप से पूछो की ज़िंदगी को कहाँ देखना चाहते हो,

कौन सी मंजिल पाना चाहते हो, फिर उसे पूरा होने के लिए रब से प्रार्थना करो.

 

सुविचार 1636

दूसरों से सम्मान पाने से पहले खुद का सम्मान करें अर्थात अपने बारे में सकारात्मक सोचें नकारात्मक नही.

सुविचार 1635

जीवन कठिन तब लगता है जब हम स्वयं को बदलने के बजाए परिस्थितियों को बदलने का प्रयास करते हैं.

सुविचार 1634

दुनिया की सबसे अच्छी किताब हम स्वयं हैं, खुद को समझ लीजिए, सब समस्याओं का समाधान हो जाएगा.

सुविचार 1633

जो हमारे पास नहीं है उसे पाने की जब हम अभिलाषा रखने लगते हैं, तो जो कुछ हमारे पास होता है उस से ख़ुशी मिलनी बंद हो जाती है

सुविचार 1632

हर समय मुस्कुराते रहना, चित्त शांत रखना, भटकाव का न होना, सुपष्ट विचार, सुपष्ट धारणा और सुपष्ट निर्णय, धीर पुरुषों और योगियों के लच्छण हैं.
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