सुविचार 1320
दरअसल विचार या सोच कितना ही अच्छा हो, यदि उन पर आचरण या अमल नहीं किया जा रहा है, तो वे निरर्थक हैं.
इस प्रवृत्ति के लोग यह ध्यान नहीं देते कि जो सामान वो खरीद रहे हैं. वह उनके काम लायक है भी या नहीं.
सामान अपनी जरुरत के हिसाब से खरीदें, दूसरों को देख कर नहीं. इससे फिजूलखर्ची नहीं होगी.
_ ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपनी धारणाओं को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं कि _बाकी सभी का जीवन कितना अच्छा चल रहा होगा.
उसकी चाभी आपके हाथों में है.