सुविचार 1483

इतना मत खाओ कि शरीर में उदासी उत्पन्न हो जाये, ऐसा पदार्थ मत पीओ जिससे आप बेसुध हो जाओ.

सुविचार 1482

न रब भूलो. न जग भूलो, रहो इस तरह से जिन्दगानी में कि जिस तरह कमल रहता है तालाब के बंद पानी में.

सुविचार 1481

आलस्य मनुष्य के शरीर में रहने वाला महान शत्रु है. परिश्रम के समान कोई मित्र नहीं है.

सुविचार 1480

हमारी नजर सिर्फ सफलता पर ही रहती है. सफल होने के लिए किये गए जतन की तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता है. कोई यह जानने की कोशिश नहीं करता है कि सफलता के पीछे कितने असफल प्रयास छुपे हैं. सफल व्यक्ति के बारे में ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि वह व्यक्ति सही समय में सही जगह पर रहा होगा, वह ज्यादा जीनियस है, वह भाग्यशाली है आदि- आदि. इस तरह सोचने वाले लोग सफल व्यक्ति के बीते हुए असफल कल के बारे में जानने- समझने की जहमत नहीं उठाते. अगर हम सफल लोगों के बीते हुए कल के बारे में जानने की कोशिश करेंगे तो कहेंगे – वह सफल इसलिए है, क्योंकि उसने अपनी असफलताओं के आगे घुटने नहीं टेके. हर असफलता के बाद दोगुने जोश के साथ लछ्य को पाने का प्रयास किया.

सुविचार 1479

कठिन परिस्थितियों में समझदार व्यक्ति रास्ता खोजता है और कायर व्यक्ति बहाना.

सुविचार 1478

इंसान के परिचय की शुरुआत भले ही चेहरे से होती होगी, लेकिन उसकी सम्पूर्ण पहचान तो उसकी वाणी, विचार एवं कार्यों से ही होती है.
error: Content is protected