सुविचार 1391

पकाई जाती है रोटी जो मेहनत की कमाई से.

_ हो जाए गर बासी तो भी लज्ज़त कम नहीं होती..!

जाना पड़ता है लौटकर बार बार उस जगह,

_ जहाँ से आता है रोटी, कपड़ा और मकान..

सुविचार 1390

जीवन की पहचान बड़े- बड़े कृत्यों में नहीं _ छोटे- छोटे कृत्यों में छिपी है.

सुविचार 1389

किसी चीज को समझने के लिए ज्ञान की आवश्यकता होती है, किन्तु उसे महसूस करने के लिए अनुभव की आवश्यकता होती है.

सुविचार 1388

इनसान में यह कमी है, उसके गलत व्यवहार का आभास उसे तब होता है, जब वही व्यवहार उसके साथ होता है.

सुविचार 1387

जिस बात से डर लगता हो, उस छेत्र में अपना ज्ञान बढ़ाना आरम्भ कर दें, डर भाग जाएगा. डर सदैव अज्ञानता से उपजता है.
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