सुविचार 4960
अभी आपकी मुट्ठी में सिर्फ वर्तमान है _ इसे वाद- विवाद, तर्क- वितर्क, शंका- संदेह में बर्बाद न करें.
” आनंद के साथ सहज कर्म करते रहें ”
” आनंद के साथ सहज कर्म करते रहें ”
आप स्वयं में जैसे हैं, एकदम सही हैं, स्वयं को स्वीकारिये.
लेकिन उसका अंजाम उसके बुरे वक्त में दिखता है.