सुविचार 5018
_ दूसरा कोना भरता है तो तीसरा कोना खाली हो जाता है.
_ तीसरा भरता है तो चौथा… मन में अनेक कोने होते हैं जो सारे कभी नहीं भरते.
_ एक न एक कोना हमेशा खाली रहता है.!!
_ दूसरा कोना भरता है तो तीसरा कोना खाली हो जाता है.
_ तीसरा भरता है तो चौथा… मन में अनेक कोने होते हैं जो सारे कभी नहीं भरते.
_ एक न एक कोना हमेशा खाली रहता है.!!
_ माटी का पुतला पानी की एक बौछार में माटी बन जाता है.
_ केवल सपने देख कर आशावादी बनने से अच्छा है..
_ कभी यह भी सोचना की आने वाली खाई गहरी भी हो सकती है.
_ यही सोच हमें संभलने का इशारा करती है.
_ हमारे सपनों का संसार कभी भी हमारा अपना नहीं होता..
_ बन्द आंखों के साथ देखे गये इन सपनों के साथ ही कोशिश भी करनी होती है.!!
_ ऐसे काम करना बहुत ज़रूरी है.. जिनसे सुकून और शांति मिले.!!
_ बातचीत करते समय यह समझना ज़रूरी है कि हर इंसान का स्वभाव अलग होता है,
_ हो सकता है सामने वाला गंभीर स्वभाव का हो और आपकी हर बात पर ठहाके न लगाए..
_ इसलिए बातचीत में संतुलन और समझदारी बनाए रखना हमेशा बेहतर होता है.!!