सुविचार 4832
चर्चा और निंदा ..यह केवल सफल व्यक्ति के ही भाग्य में होती है…
इसलिए सफर जारी रखिए..!!
इसलिए सफर जारी रखिए..!!
इसके बीच में मैं जितना हो सके स्वयं को व्यस्त रखता हूं.”
यही परेशानीयों की खास वज़ह भी है “
सोच शुभ है तो, शुभता -फलित होती है, यही असली बात है,”
लेकिन उसे पाने की एक निश्चित प्रक्रिया पूर्ण करनी अनिवार्य होती है,”