एक संपन्न व्यक्ति की सर्वोत्तम परिभाषा है ऐसा व्यक्ति जो “उन्नत स्व” वाला है. एक व्यक्ति के पास क्या है और क्या नहीं, “बल्कि वह क्या है” ही सच्ची दौलत है.
इनसान से गलती तब होती है, जब वह गलत भी करता है और उसे छिपाता भी फिरता है. इतना तो स्वाभिमान होना ही चाहिए कि अगर गलती हो जाए, तो आप अपनी गलती को स्वीकार कर लो.