कोई भी हमेशा जीत नहीं सकता, जीवन में कई तरह की चुनौतियाँ आती हैं. कुछ में हम जीत जाते हैं, तो कुछ में हार जाते हैं. हमें जीत की ख़ुशी तो मनानी चाहिए, लेकिन उसका गुरुर नहीं करना चाहिए.
जीवन में अपना लछ्य जरूर तय करें. लछ्य तय करने में पैसा नहीं लगता है, लेकिन ये बहुत कारगर होते हैं.लछ्य ही हमें काम करने की ऊर्जा देता है. काम के प्रति लगाव ही हमें ऊर्जा देती है. तर्क छमता या भाग्य का सफलता में उतना योगदान नहीं होता जितना काम के प्रति लगन का.
अगर हम लछ्य निर्धारित नहीं करेंगे तो काम भी अनमने ढंग से करेंगे. लछ्य तय करेंगे तब हमारे भीतर उसे पाने की लालसा रहेगी. यही लालसा हमें ऊर्जा भी देगी.
इसलिए जीवन में सफल होने के लिए मेहनत से कभी भी भागना नहीं चाहिए और हमेशा अपना लछ्य तय करके ही आगे बढ़ना चाहिए.
जिन्दगी में कठिनाईयों का आना भी फायदे की बात है, क्योंकि उनसे लड़ने और उन्हे मिटाने के लिए हम नये नये तरीके निकालते हैं, और जब हम कामयाब हो जाते हैं, तब हम देखते हैं कि हमारे अंदर एक नयी quality develop हो गई है ! self development के लिये हमें कठिनाईयों का परेशानियों का डट कर सामना करना चाहिए !
कोई भी मुश्किल आए, कितनी भी बड़ी समस्या क्यों न आन खड़ी हो, उसका डट कर सामना करें. अपनी जिन्दगी उनसे छिपने में व्यर्थ न करें. ये चीजें थोड़ा- बहुत ध्यान देने से आसान हो सकती है.