सुविचार 1430

आपका ये जीवन आप ही की सोच का नतीजा है, _

अगर आप जीवन में दुख पा रहे हैं, _ तो याद रखें की ये पूरा जीवन आप ही की सोच का नतीजा है ;

_ अगर ये आपको नहीं पसंद, तो आपको आपकी सोच बदलनी पड़ेगी ;

_ जैसे ही आप अपनी सोच को देख कर बदलोगे, धीरे धीरे जीवन भी बदलना शुरू हो जाएगा ;

अच्छे और बुरे दोनो अनुभवों को एक साथ जोड़ने पर ही जीवन बनता है ; _जीवन सुख दुख के टुकड़ों में नही बंटता _बल्कि सुख दुख को जोड़ कर ही जीवन पूरा हो पाता है.!!

सुविचार – 1428

जीवन में भले ही विश्राम न हो, किन्तु आनन्द अवश्य होना चाहिए.
आने वाले कल के लिए हमें अपना आज का आनन्द नहीं खोना चाहिए,
_क्या पता कल आए या न आए और आए भी तो उसी रूप में न आए, जिस रूप में हम सोच बैठे हैं.

सुविचार 1427

आप अपने आप को तभी बदल सकते हैं, जब आप अपने मन को प्रभावित करने वाले कारकों पर नियंत्रण रखते हैं.

सुविचार 1425

“जीवन का आनंद लेने के लिये कल का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं और ना ही सुख और शांति के लिये और अधिक धनवान बनने की आवश्यकता है. जो इस क्षण है, वही जीवन है. दिल से जियो”
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