सुविचार 1254

आप किसे ठीक मानते है ?

1-पहली सोच
फूल बन कर क्या जीना,
एक दिन मुरझा जाओगे,
और दफना दिये जाओगे,
जीना है तो पत्थर बन के जियो,
कभी तराशे गये तो खुदा कहलाओगे !!!
2-दूसरी सोच
जियो तो फूल बन कर,
ताकि किसी की ज़िन्दगी महका सको,
पत्थर बन कर क्या जीना,
किसी ने नही तराशा तो,
ठोकर तो न खा सको..

सुविचार 1253

धन्यवाद करो उस हर चीज़ के लिए जो आपको मिली है और धन्यता महसूस करो.

Be grateful for everything you have and feel blessed.

सुविचार 1252

स्वयं को बेहतर बनाना ही बेहतर गाँव, बेहतर शहर, बेहतर देश और बेहतर दुनिया बनाने की ओर पहला कदम है.

सुविचार 1251

आपका ज्ञान, अनुभव, व्यवहार और आपका व्यक्तित्व आपके बारे में बहुत कुछ बता देता है.

सुविचार 1250

हमें ये समझना चाहिए कि हमारी जो भी समस्या है, हम सब समस्याएं मिटा सकते हैं क्योंकि उन्हें बनाने वाले हम ही हैं.

सुविचार 1249

आदमी की respect करना ही असल में उसे प्रेम देना है.

Respect देने में छोटा बड़ा, गोरे काले का भेद नहीं होना चाहिए.

यदि ऐसी आपकी सोच है, तो आप अपने दिल और मन से वास्तविक सुल्तान हो.

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