बहुत कम लोग ऐसे हैं, जो अपनी मर्जी से जिन्दगी जीते हैं. अपने आपको ऐसा मत बनाइए कि सत्तर साल की उम्र में आपको यह अफसोस रह जाए कि बहुत से ऐसे काम थे, जो करने थे पर नहीं किए.
जो चीज एक व्यक्ति के लिए अच्छी हो, जरुरी नहीं कि वह दूसरे के लिए भी अच्छी ही होगी, इसलिए हमेशा वही करना चाहिए, जिसे आप करना चाहते हैं या जिसमे आप अच्छा कर सकते हैं. दूसरों को देख कर अपना लछ्य तय नहीं करना चाहिए.
अगर दिल में कुछ करने का मजबूत जज्बा हो और मेहनत में कोई कसर न छोड़ी जाए तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है. जीवन में अगर सफलता पानी है तो संघर्ष करना जरुरी है.