सुविचार 1276

किसी पर कीचड़ उछालना जितना आसान है, किसी के कीचड़ को धोना उतना ही कठिन है. महानता कीचड़ उछालने में नहीं अपितु कीचड़ धोने में है.

सुविचार 1275

इनसान से गलती तब होती है, जब वह गलत भी करता है और उसे छिपाता भी फिरता है. इतना तो स्वाभिमान होना ही चाहिए कि अगर गलती हो जाए, तो आप अपनी गलती को स्वीकार कर लो.

सुविचार 1274

शिछा का असली उद्देश्य दिमाग को एक बहता झरना बनाना है, तालाब बनाना नहीं जो नल से भरा जाता है और नल द्वारा खाली भी हो जाता है.

सुविचार 1273

जिसके जीने से बहुत लोग जीवित रहें, वही इस संसार में वास्तव में जीता है.

सुविचार 1272

संसार में सफल और सुखी वही लोग हैं, जिनके अंदर विनय हो और विनय विद्या से आती है.

सुविचार 1271

जीवन में हमारी सोच और देखने के नज़रिए पर भी बहुत सारी चीज़ें निर्भर करतीं हैं कई बार परेशानी का हल बहुत आसान होता है लेकिन हम परेशानी में फँसे रहते हैं.
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