सुविचार – ये अंग्रेजी वर्ण हमें सिखाते हैं :- 1111

जीवन में पद पैसा प्रतिष्ठा ये सब कुछ काम का नहीं. यदि आपके जीवन में खुशी संतुष्टी और अपने नहीं हैं तो कुछ भी मायने नहीं रखता.

खुशियाँ पैसो से नहीं मिलती अपनों से मिलती है.

पैसा बहुत कुछ है, लेकिन सब कुछ नही है.

जीवन आनन्द के लिए है, चाहे जो हो बस मुस्कुराते रहो…?

_यदि आप चिंतित हो, तो खुद को थोड़ा आराम दों कुछ आइसक्रीम, चॉकलेट, केक लो_

ये अंग्रेजी वर्ण हमें सिखाते हैं :-

A B C….?

Avoid Boring Company _मायूस संगत से दूरी_

_D E F…?_

Dont Entertain Fools _मूर्खो पर समय व्यर्थ मत करों_

_G H I…?_

Go For High Ideas _ऊँचे विचार रखो_

_J K L M…?_

Just Keep A Friend Like Me _मेरे जैसा मित्र रखों_

_N O P…?_

Never Overlook The Poor n Suffering _गरीब व पीड़ित को कभी अनदेखा मत करों_

_Q R S…?_

Quit Reacting To Silly Tales_ _मूर्खो को प्रतिक्रिया मत दो_

_T U V…?_

Tune Urself For Ur Victory _खुद की जीत सुनिश्चित करों_

_W X Y Z…?_

We Xpect You To Zoom Ahead In Life _हम आपसे जीवन मे आगे देखने की आशा करते हैं_

जीवन में हमारा उद्देश्य होना चाहिए :-

9, 8, 7, 6, 5, 4, 3, 2, 1, 0

_9 – गिलास पानी_

_8 – घण्टे नींद_

_7 – यात्रायें परिवार के साथ_

_6 – अंकों की आय_

_5 – दिन हफ्ते में काम_

_4 – चक्का वाहन_

_3 – बेडरूम वाला फ्लैट_

_2 – अच्छे बच्चें_

_1 – जीवन साथी_

_0 – चिन्ता…?_

सुविचार – *मैंने .. हर रोज .. जमाने को .. रंग बदलते देखा है ….*!!! – 1110

*….ध्यान दीजिएगा….*
*मैंने .. हर रोज .. जमाने को .. रंग बदलते देखा है ….*!!!
*उम्र के साथ .. जिंदगी को .. ढंग बदलते देखा है .. !!!*
*वो .. जो चलते थे .. तो शेर के चलने का .. होता था गुमान..*!!!
*उनको भी .. पाँव उठाने के लिए .. सहारे को तरसते देखा है !!!*
*जिनकी .. नजरों की .. चमक देख .. सहम जाते थे लोग ..*!!!
*उन्ही .. नजरों को .. बरसात .. की तरह ~~ बरसते देखा है .. !!!*
*जिनके .. हाथों के .. जरा से .. इशारे से ..पत्थर भी कांप उठते थे..*!!!
*उन्ही .. हाथों को .. पत्तों की तरह .. थर थर काँपते देखा है .. !!!*
*जिन आवाज़ो से कभी .. बिजली के कड़कने का .. होता था भरम ..*!!!
*उन.. होठों पर भी .. मजबूर .. चुप्पियों का ताला .. लगा देखा है .. !!!*
*ये जवानी .. ये ताकत .. ये दौलत ~~ सब कुदरत की .. इनायत है ..*!!!
*इनके .. जाते ही .. इंसान को ~~ बेजान हुआ देखा है … !!!*
*अपने .. आज पर .. इतना ना .. इतराना ~~ मेरे .. यारों ..*!!!
*वक्त की धारा में .. अच्छे अच्छों को ~~ मजबूर होता देखा है .. !!!*
*कर सको..तो किसी को खुश करो…दुःख देते …हुए….तो हजारों को देखा है ।।।*

सुविचार – जिसे हम बचा रहे हैं क्या वह बच सकता हैं ? – 1109

जिसे हम बचा रहे हैं क्या वह बच सकता हैं ?

हम अपना नाम करना चाहते हैं, _ हम पैसा इकट्ठा करना चाहते हैं..

हम रिश्तों को बचाना चाहते हैं, _ हम बहुत सारे आनंद को पा लेना चाहते हैं..

क्या ये सब बचाया जा सकता हैं ?

ये पृथ्वी पर लाखों और करोड़ों लोग आए और गए, _ कोई भी ये सब बचा नहीं सका..

सब कुछ खत्म ही हो जाता है..

सुविचार – *ज़रा सा फर्क होता है,**रहने में और ना रहने में* – 1108

*ज़रा सा फर्क होता है,*

*रहने में और ना रहने में*
*ये इतने सारे लोग जो गए हैं*
*क्या इनको देखकर कभी ऐसा लगा था कि ये, यूं ही चले जायेंगे ।* *बिना कुछ कहे, बिना कुछ बताए ।*
*उन सब से कुछ लगाव था हमें।* *कुछ शिकायतें थी।*
*कुछ नाराजगी भी हो सकती थीं।* *जो कभी, कही नहीं हमने* *पर कहा तो हमने वो भी नहीं,*
*जो उनमें, बेहद पसंद था हमें ।*
*फिर अचानक एक दिन खबर आती है।*
*’ये नहीं रहे’, ‘वो नहीं रहे’*
*नहीं रहे मतलब , कैसे नहीं रहे ?*
*कैसे एक पल में सब कुछ बदल जाता है।*
*वही सारे लोग, जिनसे हम अक्सर मिला करते थे कल तक।*
*वे इतनी जल्दी कैसे गायब हो सकते है, कि दोबारा मिलेंगे ही नहीं।*
*जैसे कोई बेजान खिलौना,*
*जिसकी चाबी खत्म हो गयी हो।*
*कितना कुछ कहना रह गया था उनको।*
*कहीं घूमने जाना था उनके साथ, खाना भी खाना था , पार्टियां भी करनी थी।*
*कुछ बताना था, कुछ कहना भी था उनको।*
*बहुत सी बातें करनी थी फ़िज़ूल की ही सही।*
*पर वो भी कहाँ हो पाया।*
*सब कुछ रह गया , वो चले गए।*
*न हम ही तैयार थे।*
*न वो ही तैयार थे,*
*रुख़्सती के लिए*
*ऐसे ही एक दिन हमारी सब की खबर आनी है,
‘एक सुबह कि वे नहीं रहे’*
*लोग अरे!!!!! कह कर एक मिनिट खामोश होंगे,*
*फिर जीवन बढ़ जाएगा आगे।*
*इसलिए आओ तैयारी कर लेते हैं,*
*सब नाराज़गी, शिकायतों और तारीफों का हिसाब चुकता करते हैं।*
*ज़िंदगी हल्की हो जाएगी, तो आखरी सांस पर, मलाल नहीं रहेगा।* *क्योंकि*
*ज़रा सा फर्क होता है,*
*जिंदा रहने में, और एक दिन ना रहने में*!!!!!

सुविचार 1107

ज़िन्दगी की जिम्मेदारी कोई डरावनी चीज नहीं है , वह आनंद से ओत – प्रोत है.

सुविचार 1106

जो लोग संतुलित जिंदगी जीते हैं मतलब जिन का जीवन के यथार्थ से आमना सामना है, वे खुशहाल जिंदगी जीते हैं.
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