सुविचार 1270

जो लोग मानसिक रूप से मजबूत होते हैं, वे अपनी गलतियों से सीखते हैं. माना कि आप ने गलती की, लेकिन जरुरी नहीं है कि बार- बार आप उस गलती के बारे में सोच- सोच कर परेशान हों. खुद को मूर्ख कहें. उस गलती से सबक लें और आगे बढ़ जाएं. इस से आप का दिमाग शांत रहेगा.

सुविचार 1269

माना कि जीवन में अनेक कठिनाइयां हैं, लेकिन जीत उसी इंसान की होती है जो खुद के लिए प्रेरणा बनता है, खुद को आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शक का काम करता है और कभी हार नहीं मानता.

सुविचार 1268

दुनिया में ऐसे लोगों की कमी नहीं, जो अपनी दुर्दशा या कमियों का रोना तो रोते रहते हैं, लेकिन उन के कारणों को दूर करने के लिए उन के द्वारा कोई पहल नहीं की जाती. भले ही कोशिशों से हालात बदले जा सकते हों.

सुविचार 1267

हम सब सच्चाई से कोसों दूर हैं, हम सिर्फ जीवन का वही पक्ष देखतें हैं ; जो हम देखना चाहतें हैं.

_ जब कि वास्तविकता में जीवन वह है, जो हम देख नहीं पातें हैं ; इसलिए अपनी दृस्टि को विस्तार दें, खुद को सजग और सच्चा बनायें.

जब तक पूरी कहानी पता न चल जाए, तब तक किसी का पक्ष न लें,

_ कुछ लोग दूसरों को बुरा दिखाने में माहिर होते हैं.!!

सुविचार 1266

कोई भी हमेशा जीत नहीं सकता, जीवन में कई तरह की चुनौतियाँ आती हैं. कुछ में हम जीत जाते हैं, तो कुछ में हार जाते हैं. हमें जीत की ख़ुशी तो मनानी चाहिए, लेकिन उसका गुरुर नहीं करना चाहिए.

सुविचार 1265

जीवन में अपना लछ्य जरूर तय करें. लछ्य तय करने में पैसा नहीं लगता है, लेकिन ये बहुत कारगर होते हैं.लछ्य ही हमें काम करने की ऊर्जा देता है. काम के प्रति लगाव ही हमें ऊर्जा देती है. तर्क छमता या भाग्य का सफलता में उतना योगदान नहीं होता जितना काम के प्रति लगन का. अगर हम लछ्य निर्धारित नहीं करेंगे तो काम भी अनमने ढंग से करेंगे. लछ्य तय करेंगे तब हमारे भीतर उसे पाने की लालसा रहेगी. यही लालसा हमें ऊर्जा भी देगी. इसलिए जीवन में सफल होने के लिए मेहनत से कभी भी भागना नहीं चाहिए और हमेशा अपना लछ्य तय करके ही आगे बढ़ना चाहिए.
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