सुविचार 1160

यह जानना अच्छा है कि आप योग्य बनो और उसे न पाओ बजाय इस के कि आप पा लो और उस के योग्य न हो.

सुविचार 1159

अपमान और कड़वी दवा की गोलियाँ निगल जाने के लिए होती है, मुँह में रखकर चूसने के लिए नहीं.

सुविचार 1158

केवल हमें यही जानना है कि हम कहाँ तक पहुंचना चाहते हैं. समाधान स्वयं ही तत्परता से सामने आएंगे

सुविचार 1157

परिस्थितियों, घटनाओं को देखने का नजरिया बदलें. इस तरह आप खुश रह सकते हैं और बुरी घटनाओं को बड़ी आसानी- से भूल सकते हैं. 

सुविचार 1156

अपने विचारों को सहज भाव से अभिव्यक्त करने की और दूसरों के विचार शान्ति पूर्वक और सह्रदयता से सुनने की आदत डालें.
error: Content is protected