सुविचार 1205

यदि कोई व्यक्ति आपको नीचा दिखाने का प्रयास करता है तो याद रखें दोष आप में नहीं उस व्यक्ति में है, क्योंकि एक सामान्य व्यक्ति मानवीय गरिमा को बनाये रखना जानता है.

सुविचार 1204

आप के बारे मे आप से बेहतर कोई नही जानता. अगर आप अपने अन्दर खुद परिवर्तन नही लाना चाहते तो, कोई भी इंसान आपको परिवर्तित नही कर सकता.

सुविचार 1203

असत्य फूस के ढेर की तरह है, सत्य की एक चिनगारी भी उसे भस्म कर देती है.

सुविचार 1202

 प्रसन्नता पहले से निर्मित कोई चीज नहीं है, यह आप ही के कर्मों से आती है.

सुविचार 1201

अपने शब्दों पर इतना नियंत्रण रखें  कि किसी और की भावनाओं पर ठेस ना पहुँचे, …..तभी दूसरों की नज़र में आप एक श्रेष्ट व्यक्ति बन सकते हो.
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