सुविचार 1088

बाज़ार कि दिखावटी चमक में जिन्दगी कि असलियत पीछे छूटती जा रही है. यह जो छूट रहा है, उसे भी तो किसी न किसी को देखना होगा.

सुविचार 1087

हम में से न जाने कितने लोग हैं, जो रोज अपनी वर्त्तमान परिस्थिति को लेकर शिकायत करते हैं, लेकिन इसको हल करने के लिए कुछ करते नहीं हैं.

सुविचार 1086

आप कितने ही व्यस्त क्यों न रहते हों, अपने जानकारों और दोस्तों से संपर्क न टूटने दें. लोगों से मेलमिलाप रखने से कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता रहता है.

सुविचार 1085

जीवन में कठिनाइयाँ हमे बर्बाद करने नहीं आती है, बल्कि यह हमारी छुपी हुई सामर्थ्य और शक्तियों को बाहर निकलने में हमारी मदद करती है. …… कठिनाइयों को यह जान लेने दो की आप उससे भी ज्यादा कठिन हो.

सुविचार 1084

दिखावे पर बिलकुल नहीं जाएँ , सोचें कि आप ऐसा क्या कर सकते हैं , जिस से आपके ज्ञान में वृद्धि हो.

सुविचार 1083

जब तक आप अपने दिमाग को रोजाना नयी – नयी जानकारी नहीं देंगे , उसे अप.डेट नहीं करंगे – तब तक वह आपको बेहतर रिजल्ट नहीं दे पायेगा.
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