सुविचार 1143

माचिस की तीली के सिर होता है पर दिमाग नहीं, इसलिए वह थोड़े से घर्षण से जल उठती है. हमारे पास सिर भी है और दिमाग भी, फिर भी हम छोटी- सी बात पर उत्तेजित क्यों हो जाते हैं ?

सुविचार 1142

गलती कोई भी कर सकता है, परंतु मूर्ख के अतिरिक्त कोई उस को जारी नहीं रखेगा.

सुविचार 1141

इंसान को नमक की तरह होना चाहिए….जो खाने में रहता है मगर दिखाई नहीं देता; और अगर ना हो तो उनकी बहुत कमी महसूस होती है.

सुविचार 1140

कभी- कभी अपने आपको भी आराम दें, ऐसा करने से भीतरी ऊर्जा का नवीकरण हो जाता है.

 

सुविचार 1139

आसपास के लोगों में गलती निकालना बन्द करें. यह सिर्फ आप की सोच है. ज्यादातर इन्सान अच्छे होते है, हमें बस उस की खूबी तलाशनी होगी.

सुविचार 1138

बुराइयां जीवन में आयें उससे पहले उन्हें मिट्टी में मिला दो अन्यथा वे आपको मिट्टी में मिला देंगी.
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