सुविचार 1222

विपत्ति काल व बुरे दिनों में हमारी विचित्रविचित्र लोगों से जान पहचान हो जाती है जो अन्यथा संभव नहीं.ऐसे समय में ही सब का असली चेहरा सामने आ जाता है.

सुविचार 1221

पैर फिसल जाए तो फिर उठाया जा सकता है, जबान फिसल जाने पर शब्द वापस नहीं आते.

सुविचार 1220

परिस्थितियों पर हमारा वश नहीं होता. कभी अनुकूल रहती है तो मन गर्व से भरा रहता है, कभी प्रतिकूल होती हैं तो सरेआम शर्मशार कर देती हैं.

सुविचार 1219

जो अपने जीवन का कोई नियम नहीं बनाते….अक्सर उन्हे दूसरो के नियमों पर चलना पडता है.

सुविचार 1218

महत्वपूर्ण सड़कें अपने आस-पास की जगह को भी महत्वपूर्ण बना देती है.
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