सुविचार 1137

मनुष्य को आकर्षण का केंद्र बनना बहुत पसंद है. वह सदैव ऐसा कुछ करते रहना चाहता है जिससे सबकी निग़ाहें उस पर टिकी रहें. इसमें से एक बहुत ही सरल उपाय होता है सहानुभूति का पात्र बनना. यदि इसकी आदत लग जाये तो फिर इससे स्वयं को निकाल पाना अत्यंत कठिन हो जाता है. ध्यान रखें कि कहीं आप इसके आदी न हो जाएँ.

सुविचार 1136

हमेशा छोटी छोटी गलतियों से बचने की कोशिश किया करो, क्योंकि इन्सान पहाड़ो से नहीं पत्थरों से ठोकर खाता है ..

सुविचार 1135

एक- एक पल से जीवन बनता है, इसलिए अगर आप अपने जीवन को सम्मान देते हैं, तो एक- एक पल को संभालें.

सुविचार 1134

जो छोटी- छोटी बातों को गम्भीरता से नहीं लेता, उस पर बड़े मसलों में भरोसा नहीं किया जा सकता.

सुविचार 1133

परिस्थितियां शायद ही किसी व्यक्ति की सहायता करती हैं, जो लोग सफलता के द्वार तक पहुंचतें हैं, वे अपनी परिस्थितियों से घोर संघर्ष करके, मार्ग की बाधाएँ हटा कर ही पहुँचते हैं.

सुविचार 1132

यदि आप प्रयास करने के बाद असफल भी हो जाऐं, तो भी उस व्यक्ति से हर हाल में बेहतर होंगे, जिसको बिना किसी प्रयास के सफलता प्राप्त हो गई हो.
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