सुविचार 1216

अपने अन्दर ज्ञान को कायम रखने की चिंता न करो. जब ज्ञान विवेक बन कर आप में समा जाएगा, वह आप को कभी नहीं छोड़ेगा.

सुविचार 1215

शिछा सबसे अच्छी मित्र है. शिछा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है.

सुविचार 1214

यदि हम चाहते हैं कि हमारा मान रहे तो हमें दूसरों का भी सम्मान करना चाहिए. जैसे हमें अपना अपमान बुरा लगता है, ऐसे ही दूसरों को भी अपना अपमान बुरा लगता है.

सुविचार 1213

यदि आप अन्दर से खुश हैं. तो हमेशा प्रसन्न दीखते हैं,,,क्यों कि खुशनुमा व्यक्ति हमेशा प्रसन्नचित्त रहते है, इसलिए नहीं कि उन के जीवन की सभी परिस्थितिया सही हैं, बल्कि इसलिए खुश हैं क्योंकि… उन के पास जीवन जीने का नजरिया सही है,सकारात्मक है…आप का जीवन खुशनुमा हो…

सुविचार 1212

अधूरे ज्ञान के कारण ही जल्दबाजी में फैसले किए जाते हैं. अनुभव और नम्रता से सूझबूझ पैदा होती है.

सुविचार 1211

यदि हम अपनी कठिन समस्याओं का सामना उन्हें हल करने के संकल्प से करें तो कौन कहेगा कि कुछ भी असंभव है.
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