सुविचार 1204

आप के बारे मे आप से बेहतर कोई नही जानता. अगर आप अपने अन्दर खुद परिवर्तन नही लाना चाहते तो, कोई भी इंसान आपको परिवर्तित नही कर सकता.

सुविचार 1203

असत्य फूस के ढेर की तरह है, सत्य की एक चिनगारी भी उसे भस्म कर देती है.

सुविचार 1202

 प्रसन्नता पहले से निर्मित कोई चीज नहीं है, यह आप ही के कर्मों से आती है.

सुविचार 1201

अपने शब्दों पर इतना नियंत्रण रखें  कि किसी और की भावनाओं पर ठेस ना पहुँचे, …..तभी दूसरों की नज़र में आप एक श्रेष्ट व्यक्ति बन सकते हो.

सुविचार 1200

किसी की प्रशंसा करने में अपना समय नष्ट न करो, उन्हें अपनाने का प्रयत्न करो.
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