सुविचार 1016

सुविचार 1015

ज़िन्दगी का दूसरा नाम खोज है. जब तक खोज जारी रहती है, ज़िन्दगी रहती है और जब खोज ख़त्म हो जाती है तो ज़िन्दगी भी ख़त्म हो जाती है.

Life is another name for the search.Until the search continues, there is life and life  also ends when the search is over.

सुविचार 1014

हम में से ऎसे कई लोग हैं, जो काम तब शुरू करते हैं, जब वह सिर पर आन पड़ता है. जबकि इन कामों के लिए हमें पर्याप्त समय मिला होता है. हर काम तय समय में करें और बाद में होने वाले टेन्शन से बचें, इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और सबसे जरुरी बात आप खुश रहेंगे.


There are many people who start working when he has a burden on their head. While these actions have had enough time. Fix everything in time and avoid subsequent tensions.Your confidence will grow and the most important thing is that you will be happy.

सुविचार – क्या हम *बिल्डर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स, केटरर्स और डेकोरेटर्स के लिए कमा रहे हैं ? – 1013

_क्या हम *बिल्डर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स, केटरर्स और डेकोरेटर्स के लिए कमा रहे हैं ?*_

_*हम बड़े बड़े क़ीमती मकानों और बेहद खर्चीली शादियों से* किसे इम्प्रेस करना चाहते हैं ?_

_क्या आपको याद है कि, *दो दिन पहले किसी की शादी पर आपने क्या खाया था ?*_

_जीवन के प्रारंभिक वर्षों में *क्यों हम पशुओं की तरह काम में जुते रहते हैं ?*_

_कितनी पीढ़ियों के *खान पान और लालन पालन की व्यवस्था करनी है हमें ?*_

_हम में से *अधिकाँश लोगों के दो बच्चे हैं। बहुतों का तो सिर्फ एक ही बच्चा है।*_

_हमारी जरूरत कितनी हैं और हम पाना कितना चाहते हैं ? *इस बारे में सोचिए।*_

_क्या हमारी *अगली पीढ़ी कमाने में सक्षम नहीं है जो, हम उनके लिए ज्यादा से ज्यादा सेविंग कर देना चाहते हैं !*_

_क्या हम *सप्ताह में डेढ़ दिन अपने मित्रों, अपने परिवार और अपने लिए स्पेयर नहीं कर सकते ?*_

_क्या आप *अपनी मासिक आय का 5% अपने आनंद के लिए, अपनी ख़ुशी के लिए खर्च करते हैं ?*_ _*सामान्यतः जवाब नहीं में ही होता है।*_

_*हम कमाने के साथ साथ आनंद भी क्यों नहीं प्राप्त कर सकते ?*_

_इससे पहले कि *आप स्लिप डिस्क का शिकार हो जाएँ, इससे पहले कि, कोलोस्ट्रोल आपके हार्ट को ब्लॉक कर दे, आनंद प्राप्ति के लिए समय निकालिए !*_

_*हम किसी प्रॉपर्टी के मालिक नहीं होते, सिर्फ कुछ कागजातों, कुछ दस्तावेजों पर अस्थाई रूप से हमारा नाम लिखा होता है।*_

_* रब भी व्यंग्यात्मक रूप से हँसेगा जब कोई उसे कहेगा कि, “मैं जमीन के इस टुकड़े का मालिक हूँ”!*_

_किसी के बारे में, *उसके शानदार कपड़े और बढ़िया कार देखकर, राय कायम मत कीजिए।*_

_हमारे *महान गणित और विज्ञान के शिक्षक स्कूटर पर ही आया जाया करते थे !*_

_धनवान होना गलत नहीं है *बल्कि सिर्फ धनवान होना गलत है।*_

_*आइए जिंदगी को पकड़ें, इससे पहले कि, जिंदगी हमें पकड़ ले…*_

_एक दिन *हम सब जुदा हो जाएँगे, तब अपनी बातें, अपने सपने हम बहुत मिस करेंगे।*_

_*दिन, महीने, साल गुजर जाएँगे, शायद कभी कोई संपर्क भी नहीं रहेगा। एक रोज हमारी बहुत पुरानी तस्वीर देखकर हमारे बच्चे हम से पूछेंगे कि, “तस्वीर में ये दुसरे लोग कौन हैं ?”*_

_*तब हम मुस्कुराकर अपने अदृश्य आँसुओं के साथ बड़े फख्र से कहेंगे; “ये वो लोग हैं, जिनके साथ मैंने अपने जीवन के बेहतरीन दिन गुजारे हैं।”*_

सुविचार – मन शांत रखने के दस सूत्र – 1012

मन शांत रखने के दस सूत्र-

1. किसी के काम में दखल तब तक न दें, जब तक कि आपसे पूछा न जाये.

2. जो कभी भी बदल नहीं सकता, उसे सहना सीखो.

3. खुद को प्रत्येक प्रकार के वातावरण में ढालना सीखो.

4. उतना ही काटें, जितना कि चबा सकें यानि उतना ही काम हाथ में ले जितना पूरा करने की क्षमता हो.

5. जलन की भावना से बचें.

6. माफ़ करना और कुछ बातों को भूलना सीखें.

7. किसी भी काम को टालें नहीं और कोई ऐसा काम न करें जिससे आपको बाद में पछताना पड़े.

8. पहचान पाने की लालसा न रखें.

9. दिमाग को कभी भी खाली न रहने दें.

10. रोजाना ध्यान करें.

सुविचार – हम व्यस्त नहीं अस्त व्यस्त हैं – मत परेशान हो, मस्त रहो व्यस्त रहो – 1011

*मत परेशान हो मस्त रहो व्यस्त रहो क्योंकि*

*1. चालीस साल की अवस्था में “उच्च शिक्षित” और “अल्प शिक्षित” एक जैसे ही होते हैं।*

*2. पचास साल की अवस्था में “रूप” और “कुरूप” एक जैसे ही होते हैं। (आप कितने ही सुन्दर क्यों न हों झुर्रियां, आँखों के नीचे के डार्क सर्कल छुपाये नहीं छुपते*)

*3. साठ साल की अवस्था में “उच्च पद” और “निम्न पद” एक जैसे ही होते हैं।(चपरासी भी अधिकारी के सेवा निवृत्त होने के बाद उनकी तरफ़ देखने से कतराता है)*

*4. सत्तर साल की अवस्था में “बड़ा घर” और “छोटा घर” एक जैसे ही होते हैं। (घुटनों का दर्द और हड्डियों का गलना आपको बैठे रहने पर मजबूर कर देता है, आप छोटी जगह में भी गुज़ारा कर सकते हैं)*

*5. अस्सी साल की अवस्था में आपके पास धन का “होना” या “ना होना” एक जैसे ही होते हैं। ( अगर आप खर्च करना भी चाहें, तो आपको नहीं पता कि कहाँ खर्च करना है)*

*6. नब्बे साल की अवस्था में “सोना” और “जागना” एक जैसे ही होते हैं। (जागने के बावजूद भी आपको नहीं पता कि क्या करना है).*

*जीवन को सामान्य रुप में ही लें क्योंकि जीवन में रहस्य नहीं हैं जिन्हें आप सुलझाते फिरें।*

*आगे चल कर एक दिन हम सब की यही स्थिति होनी है इसलिए चिंता, टेंशन छोड़ कर मस्त रहें स्वस्थ रहें।*

*यही जीवन है और इसकी सच्चाई भी।*

इस मैसेज को गौर से दो बार पढ़ें  !!!!

*1. जिस दिन हमारी मोत होती है, हमारा पैसा बैंक में ही रहा जाता है।
*2. जब हम जिंदा होते हैं तो हमें लगता है कि हमारे पास खच॔ करने को पया॔प्त धन नहीं है।
*3. जब हम चले जाते हैं तब भी बहुत सा धन बिना खच॔ हुये बच जाता है।
*4. एक चीनी बादशाह की मोत हुई। वो अपनी विधवा के लिये बैंक में 1.9 मिलियन डालर छोड़ कर गया।
विधवा ने जवान नोकर से शादी कर ली। उस नोकर ने कहा – “मैं हमेशा सोचता था कि मैं अपने मालिक के लिये काम करता हूँ अब समझ आया कि वो हमेशा मेरे लिये काम करता था।”
सीख ? ज्यादा जरूरी है कि अधिक धन अज॔न कि बजाय अधिक जिया जाय।
• 5. अच्छे व स्वस्थ शरीर के लिये प्रयास करिये।
• स्वस्थ होने पर भी निरंतर चैक अप करायें।
• प्यासे न होने पर भी अधिक पानी पियें।
• 6. मँहगे फ़ोन के 70% फंक्शन अनोपयोगी रहते हैं ।
•7.  मँहगी कार की 70% गति का उपयोग नहीं हो पाता।
•8.  आलीशान मकानो का 70% हिस्सा खाली रहता है।
•9.  पूरी अलमारी के 70% कपड़े पड़े रहते हैं।
• 10. पुरी जिंदगी की कमाई का 70% दूसरो के उपयोग के लिये छूट जाता है।
• 11. 70% गुणो का उपयोग नहीं हो पाता, तो 30% का पूण॔ उपयोग कैसे हो |
• 12. जब भी संभव हो, अपना अहं त्यागें ।
• 13. शक्तिशाली होने पर भी सरल रहेँ।
• 14. धनी न होने पर भी परिपूण॔ रहें।
बेहतर जीवन जीयें !!!
*आज सुविचार**

_ “चैन से जीने के लिए चार रोटी और दो कपड़े काफ़ी हैं “।
_ **”पर, बेचैनी से जीने के लिए चार मोटर, दो बंगले और तीन प्लॉट भी कम हैं !!”
**”आदमी सुनता है मन भर ,,**सुनने के बाद प्रवचन देता है टन भर,,”
**और खुद ग्रहण नही करता कण भर ।।”*
‘प्राण जाए पर वचन न जाई’

_ मुहावरा पुराना हुआ.
_ अक्लमंदी इसे कहेंगे कि किसी को कोई वचन ही न दिया जाए, वह भी भविष्य के लिए, वह भी ‘जो चाहे माँग लो’ अंदाज़ में.
_ कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना ही प्रिय हो, इतने विश्वास के काबिल नहीं होता.
_ वह आपको प्रिय है, ज़रूरी नहीं कि आप भी उसको उतने ही प्रिय हों कि वह आपके लिए अपनी खुशियों का बलिदान कर दे.
– Manika Mohini
जो भी बात या चीज आपको परेशान करती है, आप उससे जितना दूर भागेंगे, वह उतनी ही तेजी से आपका पीछा करेगी.

_ यदि आप इसे स्वीकार करते हैं, तो इसका आपके वर्तमान जीवन पर उतना प्रभाव नहीं पड़ेगा, जितना कि इसे अस्वीकार करने पर पड़ता है..!!

इतना व्यस्त रहें कि फालतू सी चीजों.. जैसे कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं, क्या सोचते हैं, आदि, इत्यादि को भी सोचने की फुरसत ना मिले.!!
अत्यधिक व्यस्त रहना उन चीजों से निपटने का एक तरीका है, जिनसे हम निपटना नहीं चाहते.

_ इसीलिए हम अपना ज़्यादातर समय उन चीजों में बिताते हैं, जो हमें व्यस्त रखती हैं.
_ हम काम करते हैं, दोस्तों से मिलने जाते हैं, घूमते-फिरते हैं, यात्रा करते हैं, और यह सब हम खुद से भागने के लिए करते हैं.
_ लोग अक्सर इस बात को पूरी तरह से नकार देते हैं, जबकि वे अंदर ही अंदर जानते हैं कि यह कितना सच है.
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