सुविचार 1175
किसी ने ठीक ही कहा है कि, उस दुःख से बढ़ कर कोई दूसरा दुःख नहीं है, जो अपने को व्यक्त न कर सके.
जो आपके पास नहीं है उसका रोना न रोएं, बल्कि जो आपके पास है उसी के सहारे आसमान की बुलंदियों तक पहुँचने का प्रयास करें.
दिन भर अपनी समस्याओं का विस्तार में बखान करते रहेंगे, और अपने आस पास भी नकारात्मकता फैलाते रहेंगे.