सुविचार 1162

“दुसरो को नसीहत देना, तथा आलोचना करना, सबसे आसान काम है. “सबसे मुश्किल काम है, चुप रहना और आलोचना सुनना.

सुविचार 1160

यह जानना अच्छा है कि आप योग्य बनो और उसे न पाओ बजाय इस के कि आप पा लो और उस के योग्य न हो.

सुविचार 1159

अपमान और कड़वी दवा की गोलियाँ निगल जाने के लिए होती है, मुँह में रखकर चूसने के लिए नहीं.

सुविचार 1158

केवल हमें यही जानना है कि हम कहाँ तक पहुंचना चाहते हैं. समाधान स्वयं ही तत्परता से सामने आएंगे
error: Content is protected