सुविचार – जीवन सूत्र – 1004

*1.* प्रतिदिन 10 से 30 मिनट टहलने की आदत बनायें. चाहे समय ना हो तो घर मे ही टहले , टहलते समय चेहरे पर मुस्कराहट रखें.

🌟 *2.* प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट चुप रहकर बैठें.

🌟 *3.* पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा पुस्तकें पढ़ें.

🌟 *4.* 70 साल की उम्र से अधिक आयु के बुजुर्गों और 6 साल से कम आयु के बच्चों के साथ भी कुछ समय व्यतीत करें.

🌟 *5.* प्रतिदिन खूब पानी पियें.

🌟 *6.* प्रतिदिन कम से कम तीन बार ये सोचे की मैने आज कुछ गलत तो नही किया.

🌟 *7.* गपशप पर अपनी कीमती ऊर्जा बर्बाद न करें.

🌟 *8.* अतीत के मुद्दों को भूल जायें, अतीत की गलतियों को अपने जीवनसाथी को याद न दिलायें.

🌟 *9.* एहसास कीजिये कि जीवन एक स्कूल है और आप यहां सीखने के लिये आये हैं. जो समस्याएं आप यहाँ देखते हैं, वे पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं.

🌟 *10.* एक राजा की तरह नाश्ता, एक राजकुमार की तरह दोपहर का भोजन और एक भिखारी की तरह रात का खाना खायें.

 🌟 *11.* दूसरों से नफरत करने में अपना समय व ऊर्जा बर्बाद न करें. नफरत के लिए ये जीवन बहुत छोटा है.
🌟 *12.* आपको हर बहस में जीतने की जरूरत नहीं है, असहमति पर भी अपनी सहमति दें.
🌟 *13.* अपने जीवन की तुलना दूसरों से न करें.
🌟 *14.* गलती के लिये गलती करने वाले को माफ करना सीखें.
🌟 *15.* ये सोचना आपका काम नहीं कि दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं.
🌟 *16.* समय ! सब घाव भर देता है.
🌟 *17.* ईर्ष्या करना समय की बर्बादी है. जरूरत का सब कुछ आपके पास है.
🌟 *18.* प्रतिदिन दूसरों का कुछ भला करें.

 

सुविचार – उसे “इंसान” कहते हैं – 1003

 किसी के काम जो आए उसे “इंसान” कहते हैं. पैगाम ए ‪‎इश्क‬ फैलाए उसे “इंसान” कहते हैं.

किसी के दुख और तकलीफ को महसूस करके खुद, जिसकी ‪आँख‬ भर आए उसे “इंसान” कहते हैं.

हुकूमत बाजुओं के ज़ोर पर तो कोई भी कर ले, जो सबके दिल पे छा जाए उसे “इंसान” कहते हैं.

वैर की आग से जलती हुई नफरत की खेती पर, सुकून ओ चैन बरसाए उसे “इंसान” कहते हैं.

सिकंदर भी खाली हाथ ही जाते हैं दुनिया से, जो कुछ नेकी कमा जाए उसे “इंसान” कहते हैं.

राह ए जिंदगी में जब सहारे छूट जाएं सब, कभी जो ना डगमगाए उसे “‪इंसान‬” कहते हैं.

उलझन रोज़ आएगी है जब तक जिंदगी अपनी, जो हर मसले को सुलझाए उसे “इंसान” कहते हैं.

हर मुश्किल के पत्थर को बना कर सीढ़ियाँ अपनी, जो मंज़िल पर पहुंच जाए उसे “इंसान” कहते हैं.

इंसान रोते हुए पैदा हुआ, शिकायत करते हुए जिया और असंतुष्ट होकर दुनिया से चला गया !!

..यह तो बस मानव जीवन की कहानी है..!!

 

सुविचार – जिन्दगी जीने के दस सूत्र – 1002

जिन्दगी जीने के दस सूत्र :->
1. अच्छा स्वास्थ : अगर आप स्वस्थ नहीं हैं तो, आप खुश नहीं रह सकते. बीमारी आपकी खुशियां छीन लेती है.
2. बैंक बैलेंस : अच्छी जिन्दगी जीने के लिए अमीर होना जरुरी नहीं, पर इतना पैसा हो कि आप जब चाहें बाहर खाना खा पायें, सिनेमा देख पायें, पहाडों पर या समुद्र किनारे घूमने जा पायें. उधारी में जीना आदमी को खुद की निगाहों में गिरा देता है.
3. अपना मकान : मकान चाहे छोटा हो या बड़ा, अपना होना चाहिए.
4. जीवनसाथी : जिनकी जिन्दगी में समझदार जीवन साथी होते हैं, उनकी जिन्दगी खुशहाल होती है.
5. दूसरों से न जलना : कोई आपसे आगे निकल जाए, किसी के पास आपसे से ज्यादा पैसा हो जाए, तो उससे जले नहीं. इससे आपकी खुशियां खत्म होने लगती हैं.
6. गप से बचना : लोगों को गपशप के जरिये खुद पर हावी मत होने दीजिए. जब तक आप उनसे छुटकारा पाएंगे, आप बहुत थक चुके होंगे और आपके दिमाग में जहर भर चुका होगा.

– जब भी एक सामन्य व्यक्ति १ घंटे से ज्यादा समय तक बोलता है तो वह अपने होश खो देता है, _

_ और अनजाने में कुछ ऐसी बातें बोल देता हैं ; जो उसे नहीं बोलनी चाहिए !!

7. अच्छी आदत : कोई न कोई ऐसी हॉबी विकसित करें. जिसे करने में आपको मजा आता हो. फालतू बातों में समय बरबाद न करें.
8. ध्यान : रोज सुबह दस मिनट ध्यान करें. शाम को भी कुछ वक्त अपने साथ गुजारें. इस तरह आप खुद को जान पाएंगे.
9. क्रोध से बचना : कभी अपना गुस्सा जाहिर न करें. जब कभी आपको लगे कि आपका दोस्त आपके साथ तल्ख हो रहा है, तो आप उस वक्त उससे दूर हो जाएं, बजाए इसके कि वहीं उसका हिसाब- किताब करने पर आमदा हो जाएं.
10. अंतिम समय : जब अंतिम समय आ जाये, तो बिना किसी दुख, अफसोस के खुशी- खुशी संसार को छोड़ दें.

 

सुविचार – सैल्फ एक्चुलाइज्ड व्यक्ति के गुण – 1001

सैल्फ एक्चुलाइज्ड व्यक्ति के गुण :–>
वह जीवन की वास्तविकता का ज्ञान रखता है और सूझबूझ के साथ जीवन की जटिल समस्याओं का हल ढूंढ निकालता है. संघर्ष का मुकाबला डट कर करता है.
खुद को और संपर्क में आने वाले लोगों को, वे जैसे हैं, स्वीकार करता है, सहयोग करता है.
अपनी सोच और क्रियाकलापों को संयोजित व नियंत्रित रखता है. उस की सकारात्मक सोच ऐसा करने में उस की मदद करती है.
समस्याओं पर ध्यान केंद्रित कर, उन का समाधान विवेक और व्यवहारिकता के साथ निकालता है.
वह काम से काम रखता है. अपनी निजता में किसी को दखल नहीं देने देता.
पूर्ण स्वतंत्रता से कार्य करता है, अपने माहौल को अपने अनुकूल बनाने की कला में माहिर होता है.
अपने अनुभव और दूसरों के अनुभव से सीखते हुए लगातार अपनी कार्यशैली में निपुणता लाने का प्रयास करता है. इस प्रकार वह अपनी सफलता निश्चित करता है.
वह अपने आत्मसम्मान को ध्यान में रखते हुए हालात से अनावश्यक समझौता नहीं करता.
लोगों के साथ अच्छा व्यवहार बनाए रखता है ताकि उन का सहयोग अपने काम के लिए हासिल कर सके.
लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाना उसे रुचिकर लगता है.
तानाशाह न हो कर वह लोकतांत्रिक रवैया बनाए रखता है, लोगों के साथ मिलजुल कर आगे बढ़ता है.
ऐसे लोग रचनात्मक होते हैं. रचनात्मक होने के कारण उन का जीवन नए नए अनुभवों से भरा होता है. वे लकीर के फकीर नहीं होते. परंपरा का निर्वाह करते हुए नित नवीन तरीकों से अपने काम की गुणवत्ता बनाए रखते हैं.
बुद्धिमान लोगों के 5 गुण ~

1. अपना काम गुप्त तरीक़े से करना पसंद करते हैं.

2. दुनिया को तब तक नहीं बताते _  जब तक कि उनका काम शत प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता.

3. किसी से भी उलझना पसन्द नहीं करते _  बल्कि किनारे से निकल जाना ज़्यादा पसन्द करते हैं.

4. बोलते कम हैं  _ सुनते ज़्यादा हैं.

5. सुनते सबकी हैं _ लेकिन करते अपने मन की हैं.

सुविचार 1000

दूसरा भी उन्हीं की सहायता करता है जो खुद अपनी सहायता करते हैं.

_ अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए, अपनी खुशी के लिए, आप को खुद प्रयास करने के लिए तत्पर और तैयार होना पड़ेगा.

_ जीवन जीने का संयुक्त प्रयास है. दूसरे आप की मदद जरूर करेंगे. पहल आप को करनी है.

ज़िन्दगी के सफर में जो जहाँ छूट गए.. मतलब उनका साथ वहीं तक था.!!
जो लोग आपसे फायदा लेकर भी ऐसा दिखाए की आपने उनके लिए कभी कुछ किया ही नहीं है,

_ ऐसे लोगों से दूर रहने में ही आपकी भलाई है.!!

एक व्यक्ति जिसे आज किसी की भी परवाह नहीं है,

_ उसने भी एक वक्त पर किसी की हद से ज़्यादा परवाह की होगी.!!

हो सकता है कि कुछ लोग आपको पसंद ना करते हों,

_ लेकिन वो अपनी महफ़िल में आपकी चुग़ली करना बहुत पसंद करते हैं.!!

मैं तो बस ऐसे ही लिखता और पढ़ता हूँ, क्या वजह हो सकती है,

_ थोड़ी राहत, थोड़ी आदत..!!

_ लिखते हुए हम अपने जीये हुए को पुनः जीते हैं और अपार पीड़ा से गुज़रते हैं.

_ लिखना कोई आसान काम नहीं,, इसे जीने के लिए भीतर मरना पड़ता है.!!

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