सुविचार 937

शिछा अच्छे दिनों में आभूषण, कष्ट के दिनों में सहायक और वृद्धावस्था में संचित भंडार है.

सुविचार 935

जब आप मूड, भावनावो और दोषारोपण के बीच अटकते हो, अगर आपके पास ज्ञान है तो इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा और अगर पड़ेगा भी तो वह कुछ पलों से ज्यादा टिकने वाला नहीं.
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