सुविचार 897

एक वक्त के बाद हर कोई गैर हो जाता है ;

उम्र भर किसी को अपना समझना, बस मन का वहम है.

सुविचार 896

हर व्यक्ति का अपना अलग नजरिया होता है, हर व्यक्ति अपनी परिस्थिति, सोच व संस्कार के हिसाब से कोई काम करता है,  इसलिए दूसरों के नजरिये का सम्मान करें. उन्होंने बचपन से लेकर अब तक जो देखा और सहा है, उसी से उनका नजरिया बना है.

सुविचार 894

अवसरवादी है वह जो दूसरों की गलती का फायदा उठाए और अपनी गलती से दूसरों को नुकसान पहुंचाए.

सुविचार 893

हमेशा यह मान कर चलिए कि आप को कोई भी वस्तु पूर्णतया इच्छित रूप से नहीं मिलेगी. हर काम आप की इच्छानुसार नहीं हो सकता है.
इच्छित वस्तु पाने की कोई गारंटी नहीं होती, सम्भावना होती है.
_ यह सम्भावना ही हमें कर्म के लिए प्रेरित करती है.!!

सुविचार 892

उतार- चढ़ाव किसके जीवन में नहीं आते ? उनसे घबराओ मत, अडिग रहो. मन को सकारात्मक विचारों से भर दो, तो हर परिस्थिति आपके आगे तुच्छ हो जाएगी.
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