सुविचार – ऐ “सुख” तू कहाँ मिलता है – 1006
सुविचार – अंतर्मुखी लोगों की विशेषताएं – 1005
अंतर्मुखी लोगों की तीन विशेषताएं होती है. —
सुविचार – जीवन सूत्र – 1004
🌟 *2.* प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट चुप रहकर बैठें.
🌟 *3.* पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा पुस्तकें पढ़ें.
🌟 *4.* 70 साल की उम्र से अधिक आयु के बुजुर्गों और 6 साल से कम आयु के बच्चों के साथ भी कुछ समय व्यतीत करें.
🌟 *5.* प्रतिदिन खूब पानी पियें.
🌟 *6.* प्रतिदिन कम से कम तीन बार ये सोचे की मैने आज कुछ गलत तो नही किया.
🌟 *7.* गपशप पर अपनी कीमती ऊर्जा बर्बाद न करें.
🌟 *8.* अतीत के मुद्दों को भूल जायें, अतीत की गलतियों को अपने जीवनसाथी को याद न दिलायें.
🌟 *9.* एहसास कीजिये कि जीवन एक स्कूल है और आप यहां सीखने के लिये आये हैं. जो समस्याएं आप यहाँ देखते हैं, वे पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं.
🌟 *10.* एक राजा की तरह नाश्ता, एक राजकुमार की तरह दोपहर का भोजन और एक भिखारी की तरह रात का खाना खायें.
सुविचार – उसे “इंसान” कहते हैं – 1003
किसी के दुख और तकलीफ को महसूस करके खुद, जिसकी आँख भर आए उसे “इंसान” कहते हैं.
हुकूमत बाजुओं के ज़ोर पर तो कोई भी कर ले, जो सबके दिल पे छा जाए उसे “इंसान” कहते हैं.
वैर की आग से जलती हुई नफरत की खेती पर, सुकून ओ चैन बरसाए उसे “इंसान” कहते हैं.
सिकंदर भी खाली हाथ ही जाते हैं दुनिया से, जो कुछ नेकी कमा जाए उसे “इंसान” कहते हैं.
राह ए जिंदगी में जब सहारे छूट जाएं सब, कभी जो ना डगमगाए उसे “इंसान” कहते हैं.
उलझन रोज़ आएगी है जब तक जिंदगी अपनी, जो हर मसले को सुलझाए उसे “इंसान” कहते हैं.
हर मुश्किल के पत्थर को बना कर सीढ़ियाँ अपनी, जो मंज़िल पर पहुंच जाए उसे “इंसान” कहते हैं.
..यह तो बस मानव जीवन की कहानी है..!!
सुविचार – जिन्दगी जीने के दस सूत्र – 1002
– जब भी एक सामन्य व्यक्ति १ घंटे से ज्यादा समय तक बोलता है तो वह अपने होश खो देता है, _
_ और अनजाने में कुछ ऐसी बातें बोल देता हैं ; जो उसे नहीं बोलनी चाहिए !!




