सुविचार – जरा गौर फरमायें – 1007

जरा गौर फरमाये ….

छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष।
उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को
बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष
बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।
बचा 20 वर्ष। उसमें भी कभी योग,
कभी वियोग, कभी पढ़ाई,कभी परीक्षा,
नौकरी, व्यापार और अनेक चिन्ताएँ
व्यक्ति को घेरे रखती हैँ।अब बचा ही
कितना ? 8/10 वर्ष। उसमें भी हम
शान्ति से नहीं जी सकते ? यदि हम
थोड़ी सी सम्पत्ति के लिए झगड़ा करें,
और फिर भी सारी सम्पत्ति यहीं छोड़
जाएँ, तो इतना मूल्यवान मनुष्य जीवन
प्राप्त करने का क्या लाभ हुआ ?
स्वयं विचार कीजिये :-
इतना कुछ होते हुए भी,
1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी…
मौन होना सब से बेहतर है।
2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी…
सफेद रंग सब से बेहतर है।
3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी…
उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है।
4-पर्यटन के लिए रमणीक स्थल होते हुए भी..
पेड़ के नीचे ध्यान लगाना सबसे बेहतर है।
5- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी…
बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है।
6- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी…
अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।
7- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी…
सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है।
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सुविचार – ऐ “सुख” तू कहाँ मिलता है – 1006

** ऐ “सुख” तू कहाँ मिलता है, क्या तेरा कोई स्थायी पता है ?

_ क्यों बन बैठा है अन्जाना, आखिर क्या है तेरा ठिकाना.
_ कहाँ कहाँ ढूंढा तुझको, पर तू न कहीं मिला मुझको.
_ ढूंढा ऊँचे मकानों में, बड़ी बड़ी दुकानों में.
_ स्वादिष्ट पकवानों में, चोटी के धनवानों में.
_ वो भी तुझको ढूंढ रहे थे, बल्कि मुझको ही पूछ रहे थे.
_ क्या आपको कुछ पता है, ये “सुख” आखिर कहाँ रहता है ?
_ मेरे पास तो दुःख का पता था, जो सुबह शाम अक्सर मिलता था.
_ परेशान होके रपट लिखवाई, पर ये कोशिश भी काम न आई.
_ उम्र ढलान पे है, हौसले थकान पे है.
_ हाँ उसकी तस्वीर है मेरे पास, अब भी बची हुई है आस.
_ मैं भी हार नहीं मानूंगा, सुख के रहस्य को जानूंगा.
_ बचपन में मिला करता था, मेरे साथ रहा करता था.
_ पर जबसे मैं बड़ा हो गया, मेरा सुख मुझसे जुदा हो गया.
_ मैं फिर भी नहीं हुआ हताश, जारी रखी उसकी तलाश.
_ एक दिन जब आवाज ये आई, क्या मुझको ढूंढ रहा है भाई ??
_ मैं तेरे अंदर छुपा हुआ हूँ, तेरे ही घर में बसा हुआ हूँ.
_ मेरा नहीं है कुछ भी मोल, सिक्कों में न मुझको तोल.
_ हर पल तेरे संग रहता हूँ, और अक्सर तुझसे कहता हूँ.
_ मैं तो हूँ एक अहसास, बंद कर दे मेरी तलाश.
_ जो मिला उसी में संतोष कर, आज को जी ले कल की न सोच.
_ कल के लिए आज को न खोना.
_”मेरे लिए कभी दुखी न होना, मेरे लिए कभी दुखी न होना.!!”
** सुख और खुशी कोई ऐसी जगह नहीं है जहाँ पहुँचा जा सके.

_ सुख औ खुशी एक दृष्टि है..- जीवन को देखने का एक तरीका है.
_ जब तक हम इसे बाहर खोजते रहेंगे, हम हमेशा खाली हाथ लौटेंगे..
_ और जिस दिन हम अपने भीतर देखना शुरू करेंगे, उस दिन हम समझ जाएंगे..
_ सुख औ खुशी कहीं नहीं जाते ; बल्कि हम ही उससे दूर रहते हैं.!!

सुविचार – अंतर्मुखी लोगों की विशेषताएं – 1005

अंतर्मुखी लोगों की तीन विशेषताएं होती है. —

1. वह अपने आप पर भरोसा ज्यादा करते हैं. बहिर्मुखी व्यक्ति के लिए लोगों से दूर रहना मुश्किल होता है. इसलिए वह दूसरों पर ज्यादा निर्भर रहता है.
2. अंतर्मुखी दूसरों की बातों को ज्यादा ध्यान से सुनते हैं. दूसरों को सुनने की फितरत संबंधों को प्रगाढ़ बनाती है. वहीं बहिर्मुखी पहले अपनी बात कहने की कोशिश करते हैं.
3. अंतर्मुखी व्यक्ति कभी भी अपने को आकर्षण के केंद्र में नहीं रखना चाहता है. उनका यह नेचर उन्हें अपने काम पर फोकस करने में मदद करता है. बिना लाइम लाइट में आये, वह अपने आइडिया को जमीन पर उतारने में लगे रहते हैं. अंतर्मुखी व्यक्ति भावनात्मक बौद्धिकता के धनी होते हैं. सफलता या असफलता उन्हें जल्दी प्रभावित नहीं करती है. इसलिए अगर आप अंतर्मुखी हैं तो अपनी ताकत को पहचानिए. लोग कह सकते हैं कि इस तरह का व्यक्ति सफल नहीं हो सकता है. ऐसा कहने वालों को आपकी ताकत का अंदाजा नहीं है क्योंकि आपका व्यक्तित्व उन्हें आपके भीतर झांकने की इजाजत नहीं देते हैं.

सुविचार – जीवन सूत्र – 1004

*1.* प्रतिदिन 10 से 30 मिनट टहलने की आदत बनायें. चाहे समय ना हो तो घर मे ही टहले , टहलते समय चेहरे पर मुस्कराहट रखें.

🌟 *2.* प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट चुप रहकर बैठें.

🌟 *3.* पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा पुस्तकें पढ़ें.

🌟 *4.* 70 साल की उम्र से अधिक आयु के बुजुर्गों और 6 साल से कम आयु के बच्चों के साथ भी कुछ समय व्यतीत करें.

🌟 *5.* प्रतिदिन खूब पानी पियें.

🌟 *6.* प्रतिदिन कम से कम तीन बार ये सोचे की मैने आज कुछ गलत तो नही किया.

🌟 *7.* गपशप पर अपनी कीमती ऊर्जा बर्बाद न करें.

🌟 *8.* अतीत के मुद्दों को भूल जायें, अतीत की गलतियों को अपने जीवनसाथी को याद न दिलायें.

🌟 *9.* एहसास कीजिये कि जीवन एक स्कूल है और आप यहां सीखने के लिये आये हैं. जो समस्याएं आप यहाँ देखते हैं, वे पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं.

🌟 *10.* एक राजा की तरह नाश्ता, एक राजकुमार की तरह दोपहर का भोजन और एक भिखारी की तरह रात का खाना खायें.

 🌟 *11.* दूसरों से नफरत करने में अपना समय व ऊर्जा बर्बाद न करें. नफरत के लिए ये जीवन बहुत छोटा है.
🌟 *12.* आपको हर बहस में जीतने की जरूरत नहीं है, असहमति पर भी अपनी सहमति दें.
🌟 *13.* अपने जीवन की तुलना दूसरों से न करें.
🌟 *14.* गलती के लिये गलती करने वाले को माफ करना सीखें.
🌟 *15.* ये सोचना आपका काम नहीं कि दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं.
🌟 *16.* समय ! सब घाव भर देता है.
🌟 *17.* ईर्ष्या करना समय की बर्बादी है. जरूरत का सब कुछ आपके पास है.
🌟 *18.* प्रतिदिन दूसरों का कुछ भला करें.

 

सुविचार – उसे “इंसान” कहते हैं – 1003

 किसी के काम जो आए उसे “इंसान” कहते हैं. पैगाम ए ‪‎इश्क‬ फैलाए उसे “इंसान” कहते हैं.

किसी के दुख और तकलीफ को महसूस करके खुद, जिसकी ‪आँख‬ भर आए उसे “इंसान” कहते हैं.

हुकूमत बाजुओं के ज़ोर पर तो कोई भी कर ले, जो सबके दिल पे छा जाए उसे “इंसान” कहते हैं.

वैर की आग से जलती हुई नफरत की खेती पर, सुकून ओ चैन बरसाए उसे “इंसान” कहते हैं.

सिकंदर भी खाली हाथ ही जाते हैं दुनिया से, जो कुछ नेकी कमा जाए उसे “इंसान” कहते हैं.

राह ए जिंदगी में जब सहारे छूट जाएं सब, कभी जो ना डगमगाए उसे “‪इंसान‬” कहते हैं.

उलझन रोज़ आएगी है जब तक जिंदगी अपनी, जो हर मसले को सुलझाए उसे “इंसान” कहते हैं.

हर मुश्किल के पत्थर को बना कर सीढ़ियाँ अपनी, जो मंज़िल पर पहुंच जाए उसे “इंसान” कहते हैं.

इंसान रोते हुए पैदा हुआ, शिकायत करते हुए जिया और असंतुष्ट होकर दुनिया से चला गया !!

..यह तो बस मानव जीवन की कहानी है..!!

 

सुविचार – जिन्दगी जीने के दस सूत्र – 1002

जिन्दगी जीने के दस सूत्र :->
1. अच्छा स्वास्थ : अगर आप स्वस्थ नहीं हैं तो, आप खुश नहीं रह सकते. बीमारी आपकी खुशियां छीन लेती है.
2. बैंक बैलेंस : अच्छी जिन्दगी जीने के लिए अमीर होना जरुरी नहीं, पर इतना पैसा हो कि आप जब चाहें बाहर खाना खा पायें, सिनेमा देख पायें, पहाडों पर या समुद्र किनारे घूमने जा पायें. उधारी में जीना आदमी को खुद की निगाहों में गिरा देता है.
3. अपना मकान : मकान चाहे छोटा हो या बड़ा, अपना होना चाहिए.
4. जीवनसाथी : जिनकी जिन्दगी में समझदार जीवन साथी होते हैं, उनकी जिन्दगी खुशहाल होती है.
5. दूसरों से न जलना : कोई आपसे आगे निकल जाए, किसी के पास आपसे से ज्यादा पैसा हो जाए, तो उससे जले नहीं. इससे आपकी खुशियां खत्म होने लगती हैं.
6. गप से बचना : लोगों को गपशप के जरिये खुद पर हावी मत होने दीजिए. जब तक आप उनसे छुटकारा पाएंगे, आप बहुत थक चुके होंगे और आपके दिमाग में जहर भर चुका होगा.

– जब भी एक सामन्य व्यक्ति १ घंटे से ज्यादा समय तक बोलता है तो वह अपने होश खो देता है, _

_ और अनजाने में कुछ ऐसी बातें बोल देता हैं ; जो उसे नहीं बोलनी चाहिए !!

7. अच्छी आदत : कोई न कोई ऐसी हॉबी विकसित करें. जिसे करने में आपको मजा आता हो. फालतू बातों में समय बरबाद न करें.
8. ध्यान : रोज सुबह दस मिनट ध्यान करें. शाम को भी कुछ वक्त अपने साथ गुजारें. इस तरह आप खुद को जान पाएंगे.
9. क्रोध से बचना : कभी अपना गुस्सा जाहिर न करें. जब कभी आपको लगे कि आपका दोस्त आपके साथ तल्ख हो रहा है, तो आप उस वक्त उससे दूर हो जाएं, बजाए इसके कि वहीं उसका हिसाब- किताब करने पर आमदा हो जाएं.
10. अंतिम समय : जब अंतिम समय आ जाये, तो बिना किसी दुख, अफसोस के खुशी- खुशी संसार को छोड़ दें.

 

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