सुविचार 891

मान कर ही चलें कि जीवन में परेशानियों का अन्त नहीं, आप खुद को इतना मजबूत बनाएँ कि एक- एक कर इनका सामना कर सकें.

सुविचार 890

किसी भी बात को उत्तेजना में या अतिउत्साहित होकर कभी व्यक्त न करें, यह अपरिपक्वता की निशानी है.

सुविचार 889

गलतियाँ, हादसे किस इनसान के साथ नहीं होते ? इस पर हार मान कर बैठ जाना, उदास होना, आत्मविश्वास खो देना कतई सही नहीं है.

सुविचार 886

आदमी की परख उस के पास रहने से होती है. किसी आदमी को यों ही बुरा कह देना तब तक ठीक नहीं जब तक समीप से उस के गुणदोषों की परीछा न कर ली जाए.
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