सुविचार 885

प्रसन्न ह्रदय मनुष्य वह सूर्य है, जिस की किरणें अनेक हृदयों के शोक रूपी अन्धकार को दूर भगा देती है.

सुविचार 884

मन में हमेशा अच्छे विचार और अच्छे अहसासों को ही जगह दीजिए, ताकि दिमाग में सदा पॉजिटिव तरंगों का उदय हो.

सुविचार 882

अपनी मस्ती में गुनगुनाता वही है, जो अन्दर से शान्त है, संतुष्ट है, विचारों से रिक्त है, सन्तुलित है, मर्यादित है. 

सुविचार 881

जिस मामले में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार आप को है, उस में भी रायमशविरा लेने में कोई हर्ज नहीं है.

सुविचार 880

जिस दिन अपनी तरफ दृष्टि उठ गई, उस दिन संसार में हर वस्तु में सुख दिखाई देगा और लगेगा कि हर कोई मेरा भला चाहता है. बुरा करने वाला भी शायद किसी न किसी रूप में भला करके जाएगा. 
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