सुविचार 958

साहस खतरे की ओर से आँखें बंद करने में नहीं, उसे देख कर उस का मुकाबला करने में है.

सुविचार 957

हमें एक बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि सुख और दुख सिर्फ आदतें हैं. दुखी रहने की आदत तो हमने डाल रखी है, सुखी रहने की आदत भी डाल सकते हैं. इसे स्वभाव बनाइए और आदत में शामिल कर लीजिए. यह गलत सोच है कि इतना धन, पद या प्रतिष्ठा मिल जाए तो आनंदित हो जाएंगे. दरअसल, यह एक शर्त है. जिसने भी अपने आनंद पर शर्त लगाई वह आज तक आनंदित नहीं हो सका. अगर आपने बेशर्त आनंदित जीवन जीने का अभ्यास शुरू कर दिया तो ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां आपकी ओर आकर्षित होने लगेंगी.

सुविचार 956

हज़ार मील का सफ़र भी एक कदम से ही आरम्भ होता हैं, अत: लछ्य की तरफ पहला कदम रखिए तो सही.

सुविचार 955

सुख और संतोष….

दूसरों के प्रति प्रेम पूर्ण बनिए, दुसरो से अपेक्षा कम रखिये, सुख की चाह में रहने वाला अक्सर दुःख, संकट और रोग का सामना करता है, वहीँ संतोष और धैर्य के साथ रहने वाले को सुख, शांति और स्वास्थ्य स्वयं प्राप्त होते है !!!

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