सुविचार 989

मनुष्य का जीवन एक नदी की तरह है, जिसमे सुख- दुःख, मान- अपमान, समृद्धि- निर्धनता आदि दोनों किनारों के बीच ज़िन्दगी की धारा बहती है.

 

सुविचार 988

जीवन की खुशियां भौतिक जरूरतों, सामान या उच्च सफलता की अपेछा, जीवन के बारे में आप के दृष्टिकोण, आप के रिश्तेनातों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है.

सुविचार 987

हम कभी फिसले ही नहीं, इस में बड़प्पन नहीं है. बड़प्पन इस में है कि जब जब हम फिसलें, तब तब उठ खडें हों.

सुविचार 986

हमें हमेशा लगता है कि सब कुछ असंभव है. जब हम कर गुजरते हैं तो खुद पर आश्चर्य होता है कि क्या ये हम थे जो सब कुछ कर गए.

सुविचार 985

अगर आप बिना प्यार के काम करते हैं, तो आप गुलाम की तरह काम कर रहे हैं, _ जब आप प्यार से काम करते हैं तो, _ आप एक सम्राट की तरह काम करते हैं.

आप का काम ही आप की ख़ुशी है, आप का काम ही आप का नृत्य है..!!

सुविचार 984

समस्याओं के तह तक नहीं जाने के कारण ही परेशानियाँ शुरू होती हैं.
अच्छे विशेषज्ञ किसी भी मामले की तह तक जाकर सलाह देते हैं और यही उनकी विशेषता होती है.
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