सुविचार 952

सिर्फ हवा में बातें करने वाले या कोरी गपबाजी करने वालों का प्रभाव ज्यादा समय तक नहीं टिक पाता और एक दिन लोग उनकी बातों को सुनना ही छोड़ देते हैं. यदि आप अपने साथ ऐसा नहीं होने देना चाहते तो जो भी कहें. पहले उस की सत्यता परख लें.

सुविचार 951

जब हम अपनी योग्यता जान लेते हैं, तो दूसरों को भी वैसी दृष्टि दे सकते हैं. बहुत से व्यक्ति जितना वह सोचते थे, उससे कहीं आगे बढ़ गए, क्योंकि उन्हें कोई ऎसा मिल गया, जो सोचता था कि वे इससे भी आगे जा सकते हैं .

सुविचार 950

किसी की सादगी से उसकी छमताओं का पूर्ण आकलन न करें.
हमें सामने वाले व्यक्ति का कम आकलन कर अपनी छमताओं एवं अधिकार के घमण्ड से भर कर निर्णय लेने से बचना चाहिए.

सुविचार 949

एक काम अधूरा छोड़ कर, दूसरा पकड़ने की आदत, एक लक्ष्य पर केंद्रित नहीं होने देती.

सुविचार 948

झूठा सिक्का पहचान लिया जाता है और दोबारा भट्टी में चढ़ा लिया जाता है. जबकि सच्चा सिक्का अपने पूरे मूल्य की प्रतिष्ठा पा कर, सभी लोगों में विनिमय का साधन बनता है. ठीक इसी प्रकार झूठा शब्द, कर्म या चरित्र पहचान लिया जाता है और वह अधोगति को प्राप्त होता है.

 

सुविचार 947

जीवन में सकारात्मक सोच रखें और उन अवसरों की ताक में रहें, जब आप दूसरों की मदद कर सकते हैं.

 

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