सिर्फ हवा में बातें करने वाले या कोरी गपबाजी करने वालों का प्रभाव ज्यादा समय तक नहीं टिक पाता और एक दिन लोग उनकी बातों को सुनना ही छोड़ देते हैं. यदि आप अपने साथ ऐसा नहीं होने देना चाहते तो जो भी कहें. पहले उस की सत्यता परख लें.
जब हम अपनी योग्यता जान लेते हैं, तो दूसरों को भी वैसी दृष्टि दे सकते हैं. बहुत से व्यक्ति जितना वह सोचते थे, उससे कहीं आगे बढ़ गए, क्योंकि उन्हें कोई ऎसा मिल गया, जो सोचता था कि वे इससे भी आगे जा सकते हैं .
झूठा सिक्का पहचान लिया जाता है और दोबारा भट्टी में चढ़ा लिया जाता है. जबकि सच्चा सिक्का अपने पूरे मूल्य की प्रतिष्ठा पा कर, सभी लोगों में विनिमय का साधन बनता है. ठीक इसी प्रकार झूठा शब्द, कर्म या चरित्र पहचान लिया जाता है और वह अधोगति को प्राप्त होता है.