सुविचार 855

एक छोटी- सी चींटी आपके पैर को काट सकती है, लेकिन आप उस के पैर को नहीं काट सकते हैं. इसलिए ज़िन्दगी में किसी को छोटा न समझें, क्योंकि वह जो कुछ कर सकता है, शायद आप न कर पायें.

सुविचार 854

दूसरों को सुनाने के लिए अपनी आवाज ऊंची मत करिए, बल्कि अपना व्यक्तित्व इतना ऊँचा बनाएं कि आपको सुनने की लोग मिन्नत करें.

सुविचार 853

जो विवेक के नियमों को तो सीख लेता है, परन्तु जीवन में उन्हें नहीं उतारता, वह ऐसे आदमी की तरह है जिस ने अपने खेतों में मेहनत की मगर बीज नहीं डाला.

सुविचार 852

जो मजाक किसी को दुख पहुंचाये वो मजाक नहीं, बल्कि किसी को चोट पहुंचाने का एक आसान तरीका है, इससे बुरा कुछ नहीं.

सुविचार 850

कभी भी कामयाबी को दिमाग में और नाकामी को दिल में जगह नहीं देनी चाहिए, क्योंकि कामयाबी दिमाग में घमण्ड और नाकामी दिल में मायूसी पैदा करती है.

 

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