सुविचार – हमेशा खुश रहना चाहते हैं तो .. – 1008

हमेशा खुश रहना चाहते हैं तो ..

●वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति के पास अतिरिक्त कार्य है और कार्य को समय पर पूरा करने का प्रेशर भी. काम समय पर पूरा न हो पाने पर मानसिक तनाव होना सामान्य बात है.

● व्यक्ति तनाव में घर जाता है और फिर घर की परेशानी से और तनावग्रस्त हो जाता है. तनाव जीवन का नाश करता है, इससे दूर ही रहें तो अच्छा है. तनाव दूर करने के लिए कुछ आसान उपाय हम आपको बता रहे हैं, आप उन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करें.

1) सूर्योदय से पहले उठें, घूमने जाएं, हल्का व्यायाम या योग करें.

2) प्रातःकाल व सोते समय 15 मिनट रब का ध्यान करें.

3) स्वयं को जानें, अपनी प्रतिभा, क्षमता व सीमाओं को पहचानें.

4) हमेशा सकारात्मक चिंतन करें, नकारात्मक सोच से ऊर्जा नष्ट होती है.

5) जो है, उस पर संतोष करें व कर्म करने में पूर्ण विश्वास रखें.

6) उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ काम करें, व्यवस्थित दिनचर्या की आदत डालें.

7) सदैव वर्तमान में जीएं, भूत व भविष्य की व्यर्थ चिंता से बचें.

सदैव प्रसन्नचित्त रहें, हंसते-हंसते जीना सीखें.

8) सादा व सरल जीवन जीएं, जीवन में गुणवत्ता पर विश्वास रखें,  दिखावे से बचें.

9) हॉबीज (hobbies) विकसित करें. समय की पाबंदी का खयाल रखें. हमेशा वाणी पर संयम रखें. धैर्य व आत्मनियंत्रण रखें. परिवार के साथ छुट्टियां मनाएं.

10) अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन के लिए श्रेष्ठ धन है. दूसरों से स्वयं की तुलना करने से बचें. कम तथा सच्चे मित्र बनाएं.

इन बातों को जीवन में शामिल करने, व्यवहार में लाने में शुरू में परेशानी हो सकती है,

परंतु कुछ समय बाद आप महसूस करेंगे कि आप तनावरहित एवं सुखी हो गए हैं.

सुविचार – जरा गौर फरमायें – 1007

जरा गौर फरमाये ….

छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष।
उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को
बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष
बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।
बचा 20 वर्ष। उसमें भी कभी योग,
कभी वियोग, कभी पढ़ाई,कभी परीक्षा,
नौकरी, व्यापार और अनेक चिन्ताएँ
व्यक्ति को घेरे रखती हैँ।अब बचा ही
कितना ? 8/10 वर्ष। उसमें भी हम
शान्ति से नहीं जी सकते ? यदि हम
थोड़ी सी सम्पत्ति के लिए झगड़ा करें,
और फिर भी सारी सम्पत्ति यहीं छोड़
जाएँ, तो इतना मूल्यवान मनुष्य जीवन
प्राप्त करने का क्या लाभ हुआ ?
स्वयं विचार कीजिये :-
इतना कुछ होते हुए भी,
1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी…
मौन होना सब से बेहतर है।
2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी…
सफेद रंग सब से बेहतर है।
3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी…
उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है।
4-पर्यटन के लिए रमणीक स्थल होते हुए भी..
पेड़ के नीचे ध्यान लगाना सबसे बेहतर है।
5- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी…
बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है।
6- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी…
अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।
7- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी…
सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है।
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सुविचार – ऐ “सुख” तू कहाँ मिलता है – 1006

** ऐ “सुख” तू कहाँ मिलता है, क्या तेरा कोई स्थायी पता है ?

_ क्यों बन बैठा है अन्जाना, आखिर क्या है तेरा ठिकाना.
_ कहाँ कहाँ ढूंढा तुझको, पर तू न कहीं मिला मुझको.
_ ढूंढा ऊँचे मकानों में, बड़ी बड़ी दुकानों में.
_ स्वादिष्ट पकवानों में, चोटी के धनवानों में.
_ वो भी तुझको ढूंढ रहे थे, बल्कि मुझको ही पूछ रहे थे.
_ क्या आपको कुछ पता है, ये “सुख” आखिर कहाँ रहता है ?
_ मेरे पास तो दुःख का पता था, जो सुबह शाम अक्सर मिलता था.
_ परेशान होके रपट लिखवाई, पर ये कोशिश भी काम न आई.
_ उम्र ढलान पे है, हौसले थकान पे है.
_ हाँ उसकी तस्वीर है मेरे पास, अब भी बची हुई है आस.
_ मैं भी हार नहीं मानूंगा, सुख के रहस्य को जानूंगा.
_ बचपन में मिला करता था, मेरे साथ रहा करता था.
_ पर जबसे मैं बड़ा हो गया, मेरा सुख मुझसे जुदा हो गया.
_ मैं फिर भी नहीं हुआ हताश, जारी रखी उसकी तलाश.
_ एक दिन जब आवाज ये आई, क्या मुझको ढूंढ रहा है भाई ??
_ मैं तेरे अंदर छुपा हुआ हूँ, तेरे ही घर में बसा हुआ हूँ.
_ मेरा नहीं है कुछ भी मोल, सिक्कों में न मुझको तोल.
_ हर पल तेरे संग रहता हूँ, और अक्सर तुझसे कहता हूँ.
_ मैं तो हूँ एक अहसास, बंद कर दे मेरी तलाश.
_ जो मिला उसी में संतोष कर, आज को जी ले कल की न सोच.
_ कल के लिए आज को न खोना.
_”मेरे लिए कभी दुखी न होना, मेरे लिए कभी दुखी न होना.!!”
** सुख और खुशी कोई ऐसी जगह नहीं है जहाँ पहुँचा जा सके.

_ सुख औ खुशी एक दृष्टि है..- जीवन को देखने का एक तरीका है.
_ जब तक हम इसे बाहर खोजते रहेंगे, हम हमेशा खाली हाथ लौटेंगे..
_ और जिस दिन हम अपने भीतर देखना शुरू करेंगे, उस दिन हम समझ जाएंगे..
_ सुख औ खुशी कहीं नहीं जाते ; बल्कि हम ही उससे दूर रहते हैं.!!
जिन्दगी बहुत छोटी है.

_ किसी लालच वश इस में आग लगाने का पछतावा ही होता है.
_ सुख! तो सुख मिलता ही किसे है ?
_ यह ज्ञान देने वाली बात नहीं है.
_ यह बटोरे हुए अनुभवों का सार है, जिन्हें बिखेरने की कोशिश कर रहा हूँ, ताकि समझ सको और चुग सको तो चुग लो.
_ लाल मिर्च भी देखने पर बहुत सुन्दर लगती है, लेकिन जुबान पर रख दांतों से कुचलते ही पसीना निकाल देती है.
_ जो वर्तमान है उसे ही समझने की कोशिश करना होता है.
_ भूत को भूल कर वर्तमान में संवाद पर कायम रहने और सार्थक संवाद करने से ही सुख मिलता है,
_ नहीं तो उम्र बढ़ते ही शरीर पिंजर हो जाता है और सलाह देने वाले गायब.
_तब सब तरफ अंधेरे के सिवा कुछ नहीं दिखेगा.
– Tejbeer Singh Sadher

सुविचार – अंतर्मुखी लोगों की विशेषताएं – 1005

अंतर्मुखी लोगों की तीन विशेषताएं होती है. —

1. वह अपने आप पर भरोसा ज्यादा करते हैं. बहिर्मुखी व्यक्ति के लिए लोगों से दूर रहना मुश्किल होता है. इसलिए वह दूसरों पर ज्यादा निर्भर रहता है.
2. अंतर्मुखी दूसरों की बातों को ज्यादा ध्यान से सुनते हैं. दूसरों को सुनने की फितरत संबंधों को प्रगाढ़ बनाती है. वहीं बहिर्मुखी पहले अपनी बात कहने की कोशिश करते हैं.
3. अंतर्मुखी व्यक्ति कभी भी अपने को आकर्षण के केंद्र में नहीं रखना चाहता है. उनका यह नेचर उन्हें अपने काम पर फोकस करने में मदद करता है. बिना लाइम लाइट में आये, वह अपने आइडिया को जमीन पर उतारने में लगे रहते हैं. अंतर्मुखी व्यक्ति भावनात्मक बौद्धिकता के धनी होते हैं. सफलता या असफलता उन्हें जल्दी प्रभावित नहीं करती है. इसलिए अगर आप अंतर्मुखी हैं तो अपनी ताकत को पहचानिए. लोग कह सकते हैं कि इस तरह का व्यक्ति सफल नहीं हो सकता है. ऐसा कहने वालों को आपकी ताकत का अंदाजा नहीं है क्योंकि आपका व्यक्तित्व उन्हें आपके भीतर झांकने की इजाजत नहीं देते हैं.

सुविचार – जीवन सूत्र – 1004

*1.* प्रतिदिन 10 से 30 मिनट टहलने की आदत बनायें. चाहे समय ना हो तो घर मे ही टहले , टहलते समय चेहरे पर मुस्कराहट रखें.

🌟 *2.* प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट चुप रहकर बैठें.

🌟 *3.* पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा पुस्तकें पढ़ें.

🌟 *4.* 70 साल की उम्र से अधिक आयु के बुजुर्गों और 6 साल से कम आयु के बच्चों के साथ भी कुछ समय व्यतीत करें.

🌟 *5.* प्रतिदिन खूब पानी पियें.

🌟 *6.* प्रतिदिन कम से कम तीन बार ये सोचे की मैने आज कुछ गलत तो नही किया.

🌟 *7.* गपशप पर अपनी कीमती ऊर्जा बर्बाद न करें.

🌟 *8.* अतीत के मुद्दों को भूल जायें, अतीत की गलतियों को अपने जीवनसाथी को याद न दिलायें.

🌟 *9.* एहसास कीजिये कि जीवन एक स्कूल है और आप यहां सीखने के लिये आये हैं. जो समस्याएं आप यहाँ देखते हैं, वे पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं.

🌟 *10.* एक राजा की तरह नाश्ता, एक राजकुमार की तरह दोपहर का भोजन और एक भिखारी की तरह रात का खाना खायें.

 🌟 *11.* दूसरों से नफरत करने में अपना समय व ऊर्जा बर्बाद न करें. नफरत के लिए ये जीवन बहुत छोटा है.
🌟 *12.* आपको हर बहस में जीतने की जरूरत नहीं है, असहमति पर भी अपनी सहमति दें.
🌟 *13.* अपने जीवन की तुलना दूसरों से न करें.
🌟 *14.* गलती के लिये गलती करने वाले को माफ करना सीखें.
🌟 *15.* ये सोचना आपका काम नहीं कि दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं.
🌟 *16.* समय ! सब घाव भर देता है.
🌟 *17.* ईर्ष्या करना समय की बर्बादी है. जरूरत का सब कुछ आपके पास है.
🌟 *18.* प्रतिदिन दूसरों का कुछ भला करें.

 

सुविचार – उसे “इंसान” कहते हैं – 1003

 किसी के काम जो आए उसे “इंसान” कहते हैं. पैगाम ए ‪‎इश्क‬ फैलाए उसे “इंसान” कहते हैं.

किसी के दुख और तकलीफ को महसूस करके खुद, जिसकी ‪आँख‬ भर आए उसे “इंसान” कहते हैं.

हुकूमत बाजुओं के ज़ोर पर तो कोई भी कर ले, जो सबके दिल पे छा जाए उसे “इंसान” कहते हैं.

वैर की आग से जलती हुई नफरत की खेती पर, सुकून ओ चैन बरसाए उसे “इंसान” कहते हैं.

सिकंदर भी खाली हाथ ही जाते हैं दुनिया से, जो कुछ नेकी कमा जाए उसे “इंसान” कहते हैं.

राह ए जिंदगी में जब सहारे छूट जाएं सब, कभी जो ना डगमगाए उसे “‪इंसान‬” कहते हैं.

उलझन रोज़ आएगी है जब तक जिंदगी अपनी, जो हर मसले को सुलझाए उसे “इंसान” कहते हैं.

हर मुश्किल के पत्थर को बना कर सीढ़ियाँ अपनी, जो मंज़िल पर पहुंच जाए उसे “इंसान” कहते हैं.

इंसान रोते हुए पैदा हुआ, शिकायत करते हुए जिया और असंतुष्ट होकर दुनिया से चला गया !!

..यह तो बस मानव जीवन की कहानी है..!!

 

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