सुविचार 918

लोगों की गुस्से से कही बातों को, अगर आप बार- बार दिल से लगा लेंगे, तो दिल व दिमाग की बीमारियाँ आपको जल्द घेर लेंगी. लोगों द्वारा दिए गए लेबल्स, जैसे बेवकूफ़, मुर्ख, बदसूरत………… आदि को सार्वभौमिक सत्य या ब्रह्मवाक्य न समझें, खुद पर भरोसा हिलने न दें.

सुविचार 917

हर जीवन के अन्दर शक्तियां सोईं पड़ी हैं, इसे कोई जगाने वाला चाहिए.

सुविचार 916

जीवन में दृष्टिकोण सही होगा तो सारी चीजें अपने आप ठीक होने लगेंगी.

सुविचार 915

अपने काम को बेहतरीन तरीके से करना महज अपने नियोक्ता के लिए कुछ करना ही नहीं है, यह एक ऐसा तोहफा है जिसे आप खुद को देते हैं. अपने काम में शानदार तरीके से अच्छा होना, स्वयं की नजरों में आप की इज्जत बढ़ाता है और जीवन को अधिक उत्साहजनक, मजेदार व खुशहाल बनाता है.

सुविचार 914

कोई भी काम जो आप दुनिया में करेंगे, उस के अच्छा और सब से अच्छा होने में बहुत बड़ा फर्क है. सिर्फ अच्छा होना काफी नहीं. बेहतरीन बनना एक मूविंग टारगेट है, व्यक्ति को हमेशा इसे ऊंचा रखना चाहिए.

सुविचार 913

ज़िन्दगी की आधी शिकायतें ऎसे ही दूर हो जाए, अगर लोग एक दूसरे के बारे में बोलने की बजाए एक दूसरे से बोलना सीख जाएँ.
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