सुविचार 833

परिवर्त्तन से डरना और संघर्ष से कतराना मनुष्य की सब से बड़ा कायरता है.

सुविचार 832

पहचान से मिला काम थोड़े बहुत समय के लिए रहता है लेकिन काम से मिली पहचान उम्रभर रहती है.

सुविचार 831

मन के विकास का संबंध एक संतुलित अवस्था विकसित करने

तथा सोचने से महसूस करने की ओर बढ़ने से है.

सुविचार 830

जिस ने इतना भी जाहिर कर दिया कि उस के पास कोई भेद है, तो उस ने आधा भेद तो खोल दिया, बाकी आधा वह कब तक सुरछित रख पाएगा ?

सुविचार 829

जीवन जीने के लिए सन्तुलन की बड़ी आवश्यकता है और सन्तुलन बिगाड़ने के लिए न जाने कितनी- कितनी परिस्थितियाँ हमारे सामने रोज आती हैं — यह ध्यान रखना पड़ेगा कि परिस्थिति कुछ भी हो, हमें अपने आप को सम्भालना है.

सुविचार 828

सुख, सुविधा और सुरछा — ये तीन ऐसे बिन्दु हैं, जिन्हे केन्द्र बना कर और स्वयं परिधि बन कर मनुष्य चक्कर काटता रहता है.
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