सुविचार 889

गलतियाँ, हादसे किस इनसान के साथ नहीं होते ? इस पर हार मान कर बैठ जाना, उदास होना, आत्मविश्वास खो देना कतई सही नहीं है.

सुविचार 886

आदमी की परख उस के पास रहने से होती है. किसी आदमी को यों ही बुरा कह देना तब तक ठीक नहीं जब तक समीप से उस के गुणदोषों की परीछा न कर ली जाए.

सुविचार 885

प्रसन्न ह्रदय मनुष्य वह सूर्य है, जिस की किरणें अनेक हृदयों के शोक रूपी अन्धकार को दूर भगा देती है.

सुविचार 884

मन में हमेशा अच्छे विचार और अच्छे अहसासों को ही जगह दीजिए, ताकि दिमाग में सदा पॉजिटिव तरंगों का उदय हो.
error: Content is protected