जो विरोधी हैं या दुश्मन हैं उन के साथ काम करने की कला हमें सीखनी चाहिए. फिर हम पाएंगे जो दुश्मन था अब हमारा दोस्त है. जब दुश्मन का भी साथ मिल जाता है तो जिंदगी मुकम्मल हो जाती है.
जीवन बहुत छोटा है, उसे जियो. प्रेम दुर्लभ है, उसे पकड़ कर रखो. क्रोध बहुत खराब है, उसे दबा कर रखो. भय बहुत भयानक है, उसका सामना करो. स्मृतियां बहुत सुखद हैं, उन्हें संजो कर रखो.
तोङना तो सभी लोग कर सकते हैँ पर गढना कितने लोग कर पाते हैँ ? निन्दा, उपहास तो सभी लोग कर सकते हैँ, लेकिन किसी को अच्छा कैसे बनाया जाय, यह कितने लोग बता सकते हैँ ?