सुविचार 877

सफल और महान व्यक्तियों से अनेक लोग ईर्ष्या करते हैं, लेकिन ऐसे लोग यह भूल जाते हैं कि इस ऊँचाई तक पहुँचने के लिए सफल लोगों ने कितनी मेहनत की है.
असफलता सफलता की पहली सीढ़ी है. दुनिया के सफल लोगों ने कितनी कठिनाइयों को झेला, कड़ी मेहनत करने के बाद ही वे सफल हुए. यदि आप कभी असफल हों तो जरा ऐसे लोगों को याद कर लीजिए, जिन्होंने शुरूआती दौर में असफलता का स्वाद चखने के बावजूद अपनी कमियों को पहचाना और फिर सफलता की सीढियाँ चढ़ने लगे. इसलिए हारने पर निराश न होकर आशावादी बने रहना चाहिए और कोशिश करते हुए आगे बढ़ना चाहिए.
जितने भी सफल लोगों के नाम आप जानते हैं, वे भी पहले एक आम इनसान ही थे. लेकिन इन्होने प्रयास किया और आज इस मुकाम पर हैं.
सफल इनसान वही है, जिसने अपनी सफलता या अमीरी का घमंड नहीं किया और लोगों को आज भी सम्मान देता है.

सुविचार 876

आदमी अपने गलत काम का सब से अच्छा प्रायश्चित यह कर सकता है कि दूसरों को वैसा करने से आगाह कर दे.
ज़िंदगी में गलतियां होती रहती हैं, उन गलतियों को सुधारने का मौका ज़िंदगी हमें नहीं देती..
_ लेकिन प्रायश्चित का मौका ज़रूर देती है.

सुविचार 875

अपने चाहने वालों को बेहतर उपदेश, आप अपने मुख के बजाय अपने जीवन से दे सकते हैं. महान बनने के लिए वाणी और जीवन में समानता सबसे पहली जरुरत है.

सुविचार 874

प्रतिभा किसी बड़े काम को शुरू तो कर लेती है, किंतु कठोर श्रम ही उसे पूरा करता है.

सुविचार 873

संकटों और दुखों से तो तभी छुटकारा मिल सकता है, जब उससे मुक्ति पाने के लिए, प्रयास किये जाएँ.

सुविचार 872

सज्जन वही है जो उन व्यक्तियों का भी सम्मान करता है, जो उस के किसी काम नहीं आ सकते.
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