सुविचार 865

जो अपने सुख के लिए दूसरों को दुःख पहुँचाता और सुख की चाह भी करता है, वह कभी सुख नहीं पाता है.

सुविचार 864

जिसे सफल होना है उसे ही केवल सफलता का शीर्ष अच्छी तरह दिखलायी देता है.
जिन चीजों को जीवन के शीर्ष स्थान पर होना चाहिए, वे सबसे नीचे रखी हुई हैं.

सुविचार 863

सूर्यास्त के समय एक बार सूर्य ने सबसे पूछा, मेरी अनुपस्थिति मे मेरी जगह कौन कार्य करेगा? समस्त विश्व मे सन्नाटा छा गया, किसी के पास कोई उत्तर नहीं था, तभी कोने से एक आवाज आई- दीपक ने कहा “मै हूं ना” मै अपना पूरा प्रयास करूंगा. आपकी सोच में दम होनी चाहिए, चमक होनी चाहिए, छोटा -बड़ा होने से फर्क नहीं पड़ता, सोच बड़ी होनी चाहिए.

सुविचार 860

हम केवल शांति से विश्राम क्यों करते हैं ? Why do we only [ RIP ] rest in peace ?

_हम भी जीते जी शांति से क्यों नहीं रहते ? Why don’t we also live in peace while alive ?
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