पुरानी बातों से कमजोर होने के बजाय जो वर्त्तमान में है, उसी में खुशियाँ तलाशनी चाहिए. हर किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता, ज्ञान कि रोशनी में जिन्दगी को जीना सीखें.
यह विचार त्याग दें कि दूसरे आप के काम की तारीफ़ करेंगे, क्योंकि हर किसी का दृष्टिकोण भिन्न- भिन्न होता है. कुछ लोगों के लिए आप सही होते हैं, तो कुछ लोगों के लिए कुछ माने नहीं रखते. इसलिए आप केवल अपने कार्य पर ध्यान केन्द्रित रखें.