प्रत्येक व्यक्ति का ईमानदारीपूर्वक किया गया प्रयास ही किसी सामूहिक कार्य को सफल बना सकता है. यह सोचना कि बाकी लोगों के प्रयासों से ही मेरा भी काम हो जायेगा —– असफलता की शुरुआत यहीं से होती है.
वर्त्तमान में जीना सीखें. कल क्या होगा, इस बात की ज्यादा फ़िक्र करेंगे, तो जो काम आपके हाथ में है, वह भी बिगाड़ लेंगे. काम के दौरान अपने दिमाग को एकदम शान्त रखें, क्योंकि तनाव के साथ कोई भी काम बेहतर तरीके से नहीं किया जा सकता है.