सुविचार 686

जीवन में दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, इसका मतलब यह नहीं कि ज़िन्दगी की आस ही छोड़ दी जाए.

 

सुविचार 685

ज़िन्दगी आपकी है, उस के जीने का अन्दाज आप का है. यह आप पर निर्भर करता है कि उसे हँसी की खिलखिलाहट से खुशनुमा बनाते हैं या उदासी के घेरे में डूब कर ज़िन्दगी की राह को कठिन बनाते हैं.

सुविचार 684

अपने मन को स्वस्थ व् खुश रखना ज़िन्दगी में सबसे जरुरी है, _ क्योंकि अगर मन खुश तो तन धन सब होगा और बात करें समय की तो, _

_ जब मन ही प्रसन्न नहीं रहेगा तो समय किस काम का, _ तो मन को खुश रखना सबसे जरुरी है.

सुविचार 683

समस्या का समाधान चिन्ता से नहीं, बल्कि समाधान की दिशा में कर्म करने से होता है.

 

सुविचार 682

जब तक आप रुकते नहीं हैं, ये मायने नहीं रखता कि आप कितने धीरे आगे बढ़ रहे हैं.

 

सुविचार 681

वो बुलंदियाँ भी किस काम की जनाब, जहां इंसान चढ़े और इंसानियत उतर जाये.
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