सुविचार 597 | Jan 9, 2015 | सुविचार मनुष्य जिस तरह की बातें सोचने लगता है, उसी तरह की उसकी विचार धारा बन जाती है और जिस तरह की विचार धारा बन जाती है, उसी तरह का वह जीवन जीने लगता है.
सुविचार 596 | Jan 9, 2015 | सुविचार कठिनाइयां सब पर आती हैं. बुद्धिमान उसे हंस कर और मूर्ख उन्हें रो कर काटते हैं.
सुविचार 595 | Jan 8, 2015 | सुविचार जीवन का सौन्दर्य मर्यादा के कारण है, अमर्यादित जीवन सौन्दर्यहीन हो जाता है.
सुविचार 594 | Jan 7, 2015 | सुविचार मैं तो वक़्त से हार कर सर झुकाये खड़ा था, _ सामने खड़े लोग खुद को बादशाह समझने लगे..
सुविचार 593 | Jan 7, 2015 | सुविचार अपनी निर्णयात्मक शक्ति को मजबूत बनाने का एक ही तरीका है — उस से अधिक से अधिक काम लेना.